Maharashtra FDA Action: आखिर महाराष्ट्र एफडीए क्यों चला रहा है बड़े रेस्तरां और अस्पतालों पर कार्रवाई? आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बताई बड़ी वजह
राजनीतिक दबाव से जुड़े सवाल पर मुंढे ने कहा कि FDA की कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष रहेगी. उन्होंने दोहराया कि जनता को सुरक्षित भोजन और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी.
Maharashtra FDA Crackdown: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने राज्यभर में नामी रेस्तरां, अस्पतालों और दवा कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर की जा रही कार्रवाई का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि FDA का मुख्य उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि लोगों तक सुरक्षित भोजन और गुणवत्तापूर्ण दवाएं पहुंचाना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा और दवा गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. यह भी पढ़ें: Maharashtra FDA: महाराष्ट्र एफडीए का बड़ा एक्शन, मुंबई के इन 5 बड़े क्लबों के फूड लाइसेंस सस्पेंड; जानें नाम और वजह
हाल ही में महाराष्ट्र के कई चर्चित रेस्तरां को स्वच्छता संबंधी कथित खामियों के कारण नोटिस जारी किए गए थे. इसके बाद FDA की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे, जिनका जवाब देते हुए तुकाराम मुंढे ने विभाग की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया.
'सुरक्षित भोजन और दवाएं उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी'
The Economic Times को दिए एक इंटरव्यू में तुकाराम मुंढे ने कहा कि FDA की भूमिका केवल प्रशासनिक जांच तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में बनने वाले सभी खाद्य उत्पाद और दवाएं निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप होनी चाहिए. यदि कोई संस्था नियमों का पालन नहीं करती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
सिर्फ रेस्तरां ही नहीं, अस्पताल भी रडार पर
मुंढे ने बताया कि FDA ने ऐसे कई अस्पतालों के खिलाफ भी कार्रवाई की है, जहां मरीजों पर केवल अस्पताल की फार्मेसी से दवा खरीदने का कथित दबाव बनाया जाता था. उन्होंने कहा कि नागपुर, पुणे, मुंबई, सोलापुर और सांगली के कई सरकारी अस्पतालों में इस प्रथा को रोका गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को यह अधिकार है कि वे डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाएं किसी भी लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से खरीद सकें.
मसाले, खाद्य तेल और पेय पदार्थों की भी होगी जांच
FDA आयुक्त ने कहा कि आने वाले दिनों में मसालों, खाद्य तेलों और अन्य खाद्य उत्पादों की भी व्यापक जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि शराब और गैर-शराब वाले पेय पदार्थ भी FDA के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इनकी गुणवत्ता तथा पैकेजिंग की भी निगरानी की जाएगी. उनका कहना था कि इन क्षेत्रों में पहले पर्याप्त नियामकीय निगरानी नहीं हो पाई थी.
दवाओं की कीमत और एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल पर चिंता
तुकाराम मुंढे ने कहा कि विभाग ने नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) के समक्ष दवाओं की कीमतों का मुद्दा भी उठाया है. उन्होंने दावा किया कि कुछ दवाओं की निर्माण लागत बहुत कम होने के बावजूद उन्हें काफी अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है.
इसके अलावा उन्होंने बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ऐसे मेडिकल स्टोर और दवा निर्माता, जो नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
'कार्रवाई में किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा'
राजनीतिक दबाव से जुड़े सवाल पर मुंढे ने कहा कि FDA की कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष रहेगी. उन्होंने दोहराया कि जनता को सुरक्षित भोजन और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2026 02:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

