महाराष्ट्र में 18 सितंबर को डॉक्टरों की हड़ताल, हेल्थकेयर सेवाएं रहेंगी प्रभावित, जानें पूरा मामला
महाराष्ट्र में गुरुवार, 18 सितंबर को स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी रूकावट देखने को मिल सकती है. राज्यभर के ऑलोपैथिक डॉक्टरों ने सरकार के हालिया फैसले के विरोध में 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है.
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मुंबई: महाराष्ट्र में गुरुवार, 18 सितंबर को स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी रूकावट देखने को मिल सकती है. राज्यभर के ऑलोपैथिक डॉक्टरों ने सरकार के हालिया फैसले के विरोध में 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है. यह फैसला होम्योपैथी डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के तहत रजिस्ट्रेशन की अनुमति देने से जुड़ा है. आइए, विस्तार से समझते हैं कि यह विवाद क्यों पैदा हुआ और इसका आम जनता पर क्या असर पड़ेगा.
होम्योपैथ्स को मिली ऑलोपैथिक दवाएं लिखने की अनुमति
महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में होम्योपैथी डॉक्टरों, जिन्होंने CCMP (Certificate Course in Modern Medicine and Surgery) किया है, उन्हें महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) में पंजीकरण कराने और ऑलोपैथिक दवाएं लिखने की अनुमति दे दी. इस फैसले ने ऑलोपैथिक डॉक्टरों को नाराज कर दिया है. उनका कहना है कि यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा है.
डॉक्टरों का विरोध: 1.8 लाख डॉक्टर हड़ताल पर
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) महाराष्ट्र के नेतृत्व में करीब 1.8 लाख ऑलोपैथिक डॉक्टर इस हड़ताल में शामिल होंगे. इसके अलावा एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कंसल्टेंट्स (AMC) मुंबई और अन्य कई मेडिकल संगठन भी इस विरोध का हिस्सा बनेंगे. IMA महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. संतोष कदम ने बताया, “हमने बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी शिकायतें दी हैं, लेकिन राज्य सरकार के फैसले को वापस लेने तक हम 24 घंटे की हड़ताल करेंगे.”
हड़ताल का समय
हड़ताल 18 सितंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 8 बजे तक चलेगी. इस दौरान सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टर, मेडिकल छात्र और चिकित्सक हड़ताल में भाग लेंगे. हालांकि, आपातकालीन सेवाएं जैसे इमरजेंसी वार्ड, ICU और एम्बुलेंस सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो.
मरीजों को होगी परेशानी
हड़ताल से राज्यभर में ओपीडी सेवाएं, नियमित सर्जरी और सामान्य परामर्श पर बड़ा असर पड़ सकता है. डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा है कि सरकार को 5 सितंबर को जारी किए गए इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए. उनका कहना है कि आधुनिक चिकित्सा केवल उन्हीं डॉक्टरों को करने का अधिकार होना चाहिए जिन्होंने इसके लिए आवश्यक डिग्री और प्रशिक्षण प्राप्त किया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2025 07:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

