महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कृषि में AI को बताया 'प्रेडिक्टिव गवर्नेंस'; किसानों के लिए बनेगा 'डिजिटल दोस्त'

दिल्ली में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्रांतिकारी बदलावों पर जोर दिया. उन्होंने कृषि क्षेत्र में AI के उपयोग को 'प्रेडिक्टिव गवर्नेंस' करार देते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने और जोखिम कम करने का बड़ा जरिया बताया.

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस (Photo Credits: ANI)

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री (Maharashtra Chief Minister) देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली (New Delhi) में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' (India AI Impact Summit 2026)  को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) (AI) की भूमिका को 'प्रेडिक्टिव गवर्नेंस' (Predictive Governance) का नाम दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती जलवायु और गिरते जलस्तर के बीच AI तकनीक न केवल खेती को सुरक्षित बनाएगी, बल्कि यह सामाजिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है. यह भी पढ़ें: India AI Impact Summit 2026: पीएम मोदी के साथ नजर आए सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन, दिल्ली में जुटे दुनिया के दिग्गज टेक लीडर्स (Watch Videos)

खेती के लिए 'डिजिटल दोस्त' और एआई प्लेटफॉर्म

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा विकसित किए गए एआई-पावर्ड मोबाइल प्लेटफॉर्म का जिक्र किया. उन्होंने इसे किसानों के लिए एक 'डिजिटल दोस्त' बताया, जो बहुभाषी और व्यक्तिगत सलाह (Advisory) प्रदान करता है.

'प्रेडिक्टिव गवर्नेंस' की नई मिसाल

फडणवीस ने कपास (Cotton) उत्पादकों के लिए लागू किए गए 'अर्ली वार्निंग सिस्टम' का उदाहरण दिया. उन्होंने बताया कि जियोस्पेशियल एनालिटिक्स के जरिए कीटों की निगरानी की जा रही है, जिसे उन्होंने 'प्रेडिक्टिव गवर्नेंस इन एक्शन' बताया. मुख्यमंत्री के अनुसार, पारंपरिक प्रणालियाँ उस गति और व्यापकता से काम नहीं कर सकतीं जिसकी आज के समय में जरूरत है, और AI इसी कमी को पूरा करता है.

नैतिकता और भरोसे पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए फडणवीस ने स्पष्ट किया कि AI कोई जादू नहीं है. उन्होंने जोर देकर कहा कि:

'AI को भरोसेमंद डेटा, नैतिक शासन (Ethical Governance) और सार्वजनिक जवाबदेही पर बनाया जाना चाहिए. बिना भरोसे के, इसे बड़े पैमाने पर लागू करना संभव नहीं होगा.' यह भी पढ़ें: ‘Bad Experience’: दिल्ली के ट्रैफिक में 4 घंटे फंसी रहीं दिग्गज AI रिसर्चर सारा हुकर, पीएम मोदी के साथ डिनर में नहीं हो पाईं शामिल

वैश्विक मंच पर महाराष्ट्र का मॉडल

महाराष्ट्र ने विश्व बैंक और इंडिया एआई मिशन के साथ मिलकर कृषि में एआई के उपयोग के लिए एक केसबुक (Casebook) भी जारी की है. इसमें अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका सहित दुनिया भर के सफल एआई अनुप्रयोगों को संकलित किया गया है. फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र का यह मॉडल पूरे 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) के लिए एक उदाहरण है, जिसे आसानी से अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है.

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के अंत में विपक्षी दलों पर चुटकी लेते हुए कहा कि आज के दौर में जब "मानवीय बुद्धिमत्ता" कम पड़ने लगती है, तब AI ही सबसे बड़ा सहारा बन सकता है.

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