Cyclone Shakti in Mumbai: महाराष्ट्र के कई तटीय जिलों में 23 मई (शुक्रवार) से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अरब सागर में एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बन चुका है, जो अगले 36 घंटों में डिप्रेशन (Depression) में बदल सकता है. अगर इसकी तीव्रता और बढ़ती है तो यह चक्रवात ‘शक्ति’ का रूप ले सकता है. यह नाम श्रीलंका द्वारा प्रस्तावित है, जिसका अर्थ है "शक्ति" या "Power".
फिलहाल IMD ने आधिकारिक रूप से किसी चक्रवात की घोषणा नहीं की है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि यह सिस्टम और मजबूत हो सकता है. IMD वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने ANI को बताया, “यह सिस्टम उत्तर की ओर बढ़ सकता है और इसके चक्रवात में बदलने की संभावना है. कोंकण गोवा क्षेत्र में तीन दिनों तक अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी है.”
कई जिलों में रेड अलर्ट
IMD ने जानकारी दी है कि यह सिस्टम दक्षिण कोंकण-गोवा तट के पास बना हुआ है और इसके उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है. कोंकण और गोवा में 22 से 24 मई के बीच बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना है, इसीलिए यहां रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुंबई, ठाणे और पालघर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि रायगढ़ और रत्नागिरी में रेड अलर्ट घोषित किया गया है.
बुधवार रात को हुई प्री-मानसून बारिश ने मुंबई को पहले ही भिगो दिया है. इससे तापमान में भी गिरावट आई. सांताक्रूज़ में न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है. IMD के अनुसार, इस मई में मुंबई ने औसत से 700% ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की है.
मछुआरों के लिए चेतावनी
IMD ने पश्चिमी तट पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी है. 22 से 27 मई तक सोमालिया तट और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर, और 25-26 मई को पश्चिम-मध्य अरब सागर में खतरे की स्थिति बनी रहेगी. तेज लहरें, आंधी-तूफान और खराब दृश्यता से जान का खतरा बना रहेगा.
देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम खराब
केरल, कर्नाटक और गुजरात में अगले कुछ दिनों तक झमाझम बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है. पूर्वी भारत के राज्यों ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड में भी बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी है. पूर्वोत्तर भारत जैसे असम, त्रिपुरा, नागालैंड, सिक्किम में भी भारी बारिश की संभावना है.
मानसून भी जल्द देगा दस्तक
IMD के अनुसार, केरल में 2-3 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून आने की संभावना है.
इसके बाद यह मानसून धीरे-धीरे तमिलनाडु, लक्षद्वीप, बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत में भी फैल जाएगा.













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