Mahakumbh 2025: महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या 45 करोड़ के पार, माघ पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर बन सकता है नया रिकॉर्ड
मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतों, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों, स्नानार्थियों और गृहस्थों का स्नान अब उस शिखर पर पहुंच गया है, जिसकी महाकुंभ से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई थी.
महाकुंभ नगर, 11 फरवरी : मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतों, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों, स्नानार्थियों और गृहस्थों का स्नान अब उस शिखर पर पहुंच गया है, जिसकी महाकुंभ से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई थी.
सीएम योगी ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस बार जो भव्य और दिव्य महाकुंभ का आयोजन हो रहा है, वह स्नानार्थियों की संख्या का नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा. उन्होंने शुरुआत में ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई थी. उनका यह आंकलन महाकुंभ के समापन से 15 दिन पहले ही सच साबित हो गया. मंगलवार की सुबह 8 बजे ही महाकुंभ में 45 करोड़ स्नानार्थियों की संख्या पार हो गई. यह भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ : नगरीय निकाय चुनाव में दोपहर 12 बजे तक 35 प्रतिशत मतदान
मंगलवार को सुबह 8 बजे तक करीब 50 लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगाई, जिसके साथ ही महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या 45 करोड़ पार हो गई. अभी महाकुंभ को 15 दिन और दो महत्वपूर्ण स्नान पर्व शेष हैं. पूरी उम्मीद है कि स्नानार्थियों की संख्या 50-55 करोड़ के ऊपर जा सकती है.
प्रयागराज में तीनों अमृत स्नान (मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी) के बाद भी श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है. देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था के साथ डुबकी लगाकर पुण्य प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु प्रतिदिन लाखों, करोड़ों की संख्या में प्रयागराज पहुंच रहे हैं.
बसंत पंचमी के अंतिम अमृत स्नान पर्व के बाद भी श्रद्धा का जबरदस्त उत्साह लोगों को संगम तट तक खींचकर ला रहा है. मंगलवार को सुबह 8 बजे तक 49.68 लाख लोगों ने त्रिवेणी में स्नान किया. इसके बाद कुल स्नानार्थियों की संख्या 45 करोड़ के ऊपर पहुंच गई. स्नानार्थियों में 10 लाख कल्पवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आए श्रद्धालु एवं साधु-संत शामिल रहे.
यदि अब तक के कुल स्नानार्थियों की संख्या का विश्लेषण करें तो सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था. एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ से ज्यादा और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई. इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई थी.
माघ पूर्णिमा से पहले भी प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम तट पर पवित्र स्नान के लिए पहुंच रहे हैं. वहीं, महाशिवरात्रि पर भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. महाकुंभ का समापन 26 फरवरी को होना है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 11, 2025 02:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

