एक्सप्रेसवे (Photo Credit- Wikimedia Commons)
चेन्नई: मद्रास उच्च न्यायालय ने सोमवार को चेन्नई-सेलम के बीच विवादास्पद आठ-लेन एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की घोषणा को रद्द कर दिया. राज्य सरकार ने बीते साल मई में अधिसूचना जारी की थी और परियोजना के लिए भूमि का अधिग्रहण शुरू किया था. इसे लेकर किसानों ने कड़ा विरोध-प्रदर्शन किया था.
पट्टाली मक्कल कांची (पीएमके) व अन्य ने सड़क परियोजना के खिलाफ उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल की थी. फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएमके के प्रवक्ता के.बालू ने मीडिया से कहा कि यह पीएमके की जीत है.
टेलीविजन चैनल से बातचीत करते हुए तमिलनाडु के मत्स्य पालन मंत्री डी.जयकुमार ने कहा कि सरकार ऐसी परियोजनाओं को लागू नहीं करेगी जो किसानों को प्रभावित करे. उन्होंने कहा कि फैसले के बारे में अध्ययन किया जा रहा है.












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