देश

Mann Ki Baat: माधवपुर मेला, भारत की सांस्कृतिक विविधता, जीवंतता का अनूठा उत्सव- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ेएक क्लप साझा किया जो उनके मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' से है, जिसमें उन्होंने माधवपुर मेले को भारत की सांस्कृतिक विविधता और जीवंतता के अनूठे उत्सव के रूप में विस्तार से बताया.

Mann Ki Baat: माधवपुर मेला, भारत की सांस्कृतिक विविधता, जीवंतता का अनूठा उत्सव- प्रधानमंत्री मोदी
पीएम मोदी (Photo Credits: File Image/Twitter)

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को ेएक क्लप साझा किया जो उनके मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' से है, जिसमें उन्होंने माधवपुर मेले को भारत की सांस्कृतिक विविधता और जीवंतता के अनूठे उत्सव के रूप में विस्तार से बताया. प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, "माधवपुर मेला शुरू हो चुका है. मैंने पहले भारत की सांस्कृतिक विविधता और जीवंतता के इस अनूठे उत्सव के बारे में पिछले महीने मन की बात के दौरान कुछ बातें साझा की थी."

प्रधानमंत्री ने मेले की थीम और आनंदमयी भावना पर जोर देते हुए गुजरात पर्यटन का एक ट्वीट भी साझा किया. गुजरात पर्यटन ने ट्वीट किया, "पश्चिम और पूर्वोत्तर की संस्कृतियों का माहौल श्री कृष्ण और रुक्मिणी देवी के दिव्य विवाह के साथ मनाया जाता है. आनंदमयी भावना, भव्यता और राजसी माधवपुर मेले के माध्यम से प्रकट आध्यात्मिकता का अनुभव करने के लिए वहां घूमें."

पिछले महीने अपने 'मन की बात' के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने उल्लेख किया था कि 'माधवपुर मेला' गुजरात के पोरबंदर में समुद्र के पास माधवपुर गांव में आयोजित किया जाता है. "कहा जाता है कि हजारों साल पहले भगवान कृष्ण का विवाह उत्तर पूर्व की राजकुमारी रुक्मणी से हुआ था. यह विवाह पोरबंदर के माधवपुर में हुआ था और उस विवाह के प्रतीक के रूप में आज भी माधवपुर मेला लगता है. यह पूर्व और पश्चिम के बीच संबंध हमारी विरासत है. समय बीतने के साथ लोगों के प्रयासों से माधवपुर मेले में अब नए पहलू भी जुड़ रहे हैं." यह भी पढ़ें : भाजपा ध्रुवीकरण की राजनीति करती है, उसके पास कोई मुद्दा नहीं : गहलोत

उन्होंने कहा था कि उत्तर पूर्व के सभी राज्यों के कलाकार माधवपुर मेले में पहुंचते हैं, जो एक सप्ताह तक चलता है, जब हस्तशिल्प से जुड़े कारीगर आते हैं और मेले की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है. उन्होंने कहा, "एक सप्ताह के लिए भारत के पूर्व और पश्चिम की संस्कृतियों का यह मेल, माधवपुर मेला एक भारत, श्रेष्ठ भारत का एक बहुत ही सुंदर उदाहरण बनाता है. मैं आपसे इस मेले के बारे में और अधिक पढ़ने और जानने का अनुरोध करता हूं."

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2022 05:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).