Who is Syed Ata Hasnain: बिहार के नए राज्यपाल होंगे पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, आज सुबह 11 बजे लेंगे शपथ; जानें उनके बारे में
भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन बिहार के नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं. आज सुबह 11 बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही वे प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख की जिम्मेदारी संभालेंगे.
Who is Syed Ata Hasnain: बिहार को नया राज्यपाल मिल गया है. भारतीय सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन आज, शनिवार 14 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे बिहार के राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे. वे आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लेंगे. जनरल हसनैन की नियुक्ति को न केवल प्रशासनिक बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
प्रतिष्ठित सैन्य पृष्ठभूमि और जन्म
सैय्यद अता हसनैन का जन्म एक प्रतिष्ठित सैन्य परिवार में हुआ था. उनके पिता, मेजर जनरल सैयद महदी हसनैन भी भारतीय सेना के एक सम्मानित अधिकारी थे. सेना के अनुशासन और देशभक्ति के माहौल में पले-बढ़े हसनैन ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए सैन्य करियर को चुना और करीब 40 वर्षों तक राष्ट्र की सेवा की. यह भी पढ़े: Nitish Kumar Demands Special Status For Bihar: नीतीश कुमार ने केंद्र को दिया अल्टीमेटम, बोले- बिहार को विशेष दर्जा नहीं मिला तो छेड़ेंगे आंदोलन
शिक्षा और शैक्षणिक योग्यता
जनरल हसनैन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत है. उनकी प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल के प्रसिद्ध शेरवुड कॉलेज में हुई. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास (ऑनर्स) में स्नातक की डिग्री प्राप्त की.
उनकी उच्च शिक्षा केवल भारत तक सीमित नहीं रही. उन्होंने लंदन के किंग्स कॉलेज से इंटरनेशनल स्टडीज में मास्टर डिग्री ली और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज (RCDS), लंदन से भी पढ़ाई की. इसके अलावा, उन्होंने इंदौर विश्वविद्यालय से भी अपनी शैक्षणिक योग्यता को विस्तार दिया.
भारतीय सेना में शानदार करियर
1974 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त करने के बाद, जनरल हसनैन ने सेना के कई कठिन मोर्चों पर काम किया. उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव श्रीनगर स्थित 15वीं कोर (XV Corps) का नेतृत्व करना था. कश्मीर में शांति बहाली और 'हृदय परिवर्तन' (Hearts Doctrine) जैसी उनकी रणनीतियों की काफी सराहना हुई थी. वे भारतीय सेना के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) के पद पर भी रहे हैं.
सुरक्षा विशेषज्ञ और प्रशासनिक अनुभव
सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे. वे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सदस्य के रूप में कार्यरत रहे और कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के चांसलर की जिम्मेदारी भी संभाली. रक्षा और सुरक्षा मामलों पर उनकी गहरी पकड़ है, और वे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखते रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई
बिहार के राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक और रणनीतिक नजरिए से अहम माना जा रहा है. जनरल सैयद अता हसनैन वर्तमान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लेंगे। हसनैन, करीब 40 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं. अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं.