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Lonavala's Waterfalls: पुणे जिला प्रशासन का बड़ा फैसला, लोनावला में झरनों और किलों पर सेल्फी और रील्स बनाने पर लगा बैन; जानें वजह

मानसून के दौरान पर्यटकों की भारी भीड़ और हादसों की आशंका को देखते हुए पुणे जिला प्रशासन ने लोनावला के झरनों, जलाशयों और ऐतिहासिक किलों के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं.

Lonavala's Waterfalls: पुणे जिला प्रशासन का बड़ा फैसला, लोनावला में झरनों और किलों पर सेल्फी और रील्स बनाने पर लगा बैन; जानें वजह

 Lonavala's Waterfalls: महाराष्ट्र में मानसून की भारी बारिश के बीच प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लोनावला और आसपास के पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर पुणे जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. लगातार बढ़ रही भीड़ और हादसों की आशंका को देखते हुए पुणे के जिला कलेक्टर जितेंद्र डुडी ने लोनावला के ग्रामीण इलाकों और संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू करने के आदेश दिए हैं. यह पाबंदी 31 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगी. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भारी बारिश के दौरान होने वाले भूस्खलन (landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ (flash floods) जैसी प्राकृतिक आपदाओं से पर्यटकों की जान बचाना है.

इस आदेश का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि लोनावला में पर्यटन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. बल्कि सुरक्षा के लिहाज से कुछ कड़े नियम और प्रतिबंध लागू किए गए हैं, ताकि लोग किसी भी प्रकार के हादसे का शिकार न हों.  यह भी पढ़े:  Delhi Crime News: दिल्ली के बुराड़ी में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से रेप, रील्स बनाने के बहाने होटल में बुलाकर किया दुष्कर्म; FIR दर्ज

पाबंदियों के दायरे में आने वाले प्रमुख स्थल

प्रशासन ने मावल तालुका और उसके आसपास के उन सभी स्थलों को चिन्हित किया है, जहां बारिश के मौसम में फिसलन बढ़ जाती है या पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है. इनमें शामिल हैं:

  • प्रमुख व्यू पॉइंट्स: टाइगर पॉइंट, लायंस पॉइंट और शिवलिंग पॉइंट.

  • ऐतिहासिक किलों के क्षेत्र: लोहगढ़, विसापूर, तिकोना और तुंग किला.

  • जलाशय और झरने: पवना बांध, भुशी बांध, भाजे झरना और इसके आसपास के प्राकृतिक नाले.

रील्स बनाने, सेल्फी लेने और शराब पीने पर पूरी तरह रोक

नए नियमों के अनुसार, चिन्हित किए गए खतरनाक स्थानों पर पर्यटकों के किसी भी जोखिम भरे व्यवहार पर सख्त पाबंदी रहेगी. कगारों (cliff edges) या गहरी दियों के पास जाकर सेल्फी लेना, फोटो खींचना या सोशल मीडिया के लिए वीडियो व रील्स बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसके अलावा, तेज बहते पानी या झरनों के नीचे बैठने और तैरने पर भी रोक है.

हुड़दंग और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए पर्यटन स्थलों के पास मद्यपान (शराब का सेवन) करने, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा या प्लास्टिक फेंकने और गाड़ियों में तेज आवाज में डीजे या लाउड म्यूजिक सिस्टम बजाने पर पूरी तरह बैन लगाया गया है. साथ ही, बांधों और नदियों के किनारे चार पहिया और छह पहिया वाहनों के प्रवेश को भी नियंत्रित किया गया है.

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई

पुणे जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीक मानसून के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा के लिए ये उपाय बेहद जरूरी हो गए थे. जिला कलेक्टर ने ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Pune Rural SP) और मावल के तहसीलदार को इन आदेशों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं.

यदि कोई भी पर्यटक या संगठन इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

पर्यटकों के लिए जरूरी सलाह

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा घाट क्षेत्रों में लगातार भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया जा रहा है. ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी न होने पर घाट वाले रास्तों पर यात्रा करने से बचें. लोनावला जाने की योजना बना रहे पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय आपदा प्रबंधन टीम द्वारा लगाए गए सुरक्षा बोर्ड्स और निर्देशों का पालन करें तथा भारी बारिश के समय नदी-नालों और ट्रैकिंग रास्तों से दूर रहें.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 07, 2026 04:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).