मणिपुर में भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 37 हुई, 28 लापता
मणिपुर के नोनी जिले में एक रेलवे निर्माण स्थल पर गुरुवार को हुए विनाशकारी भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 37 हो गई, जिसमें 24 प्रादेशिक सेना के जवान शामिल हैं. रविवार को और शव बरामद किए गए, जबकि प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बीच तलाशी अभियान जारी था.
इंफाल, 3 जुलाई : मणिपुर के नोनी जिले में एक रेलवे निर्माण स्थल पर गुरुवार को हुए विनाशकारी भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 37 हो गई, जिसमें 24 प्रादेशिक सेना के जवान शामिल हैं. रविवार को और शव बरामद किए गए, जबकि प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बीच तलाशी अभियान जारी था. अधिकारियों ने कहा कि 28 लापता लोगों का पता लगाया जा रहा है. मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और जिले के अधिकारियों ने यह भी कहा कि रविवार तड़के उसी जिले में एक और बड़े पैमाने पर भूस्खलन ने सिबिलोंग को तबाह कर दिया. आधिकारिक रिपोटरें में कहा गया है कि पश्चिमी मणिपुर के तुपुल में शनिवार की रात लगातार बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जहां गुरुवार की विनाशकारी भूस्खलन के बाद प्रादेशिक सेना के जवानों सहित लगभग 80 लोग जिंदा दफन हो गए.
मुख्यमंत्री ने रविवार को सेना अस्पताल का दौरा किया और तुपुल भूस्खलन में घायल जवानों के साथ कुछ समय बिताया. उन्होंने प्रत्येक जवान को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. लगातार भारी बारिश और भूस्खलन के कारण, राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पर नुंगडोलन, नुंगकाओ और सिबिलोंग में कई सड़क अवरोध हुए. बीरेन सिंह ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को सड़क साफ करने के लिए सूचित कर दिया गया है, लोगों से सावधानी बरतने और एनएच 37 से बचने का आग्रह किया. यह भी पढ़ें : Chhattisgarh: आयकर विभाग के की ताबड़तोड़ छापेमारी, करोड़ों रुपये की नकदी और आभूषण जब्त
रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल अंगोम बोबिन सिंह ने कहा कि अत्यधिक खराब मौसम के बावजूद, भारतीय सेना, असम राइफल्स, प्रादेशिक सेना, राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बलों द्वारा टुपुल में घटना स्थल पर गहन तलाशी अभियान जारी है. रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि शेष सात लापता प्रादेशिक सेना कर्मियों और 21 नागरिकों की तलाश के लिए अथक प्रयास जारी रहेगा, जब तक कि अंतिम व्यक्ति नहीं मिल जाता. इस बीच, विशेषज्ञों ने कहा कि नोनी जिला भूकंप संभावित क्षेत्र है और पहले भी क्षेत्रों में कई उच्च और मध्यम तीव्रता के झटके आ चुके हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 03, 2022 08:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

