Nepal Flash Floods: नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, मृतकों की संख्या बढ़कर 788 पहुंची, 2,500 से अधिक लोग अभी लापता; VIDEO
नेपाल और चीन सीमा से सटे इलाकों में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस त्रासदी में नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 788 हो गई है.
Nepal Flash Floods: ने नेपाल और चीन सीमा से सटे इलाकों में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस त्रासदी में नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 788 हो गई है. इसके
भूकंपीय गतिविधियों और लामटांग क्षेत्र के पास हिमनद (ग्लेशियर) के खिसकने से यह अचानक बाढ़ आई. त्रिशूली और भोटे कोशी जैसी नदियां अपने खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं. जलस्तर में हुई अचानक वृद्धि के कारण कई गांव जलमग्न हो गए और सड़कें तथा पुल पूरी तरह बह गए.
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही
#WATCH | Nuwakot, Nepal: A volunteer, Mahesh Kumar Dongul, says, "In this hour of grief, I am heading out with a team of men, 10-12 tipper trucks, and two JCBs to clear the road from Dhunge to Betrawati and provide some relief. A massive catastrophe struck from the direction of… https://t.co/OL2nX2cUHq pic.twitter.com/B499zp8Ozj
— ANI (@ANI) August 31, 2026
राहत और बचाव कार्य तेज
नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और आपदा प्रबंधन टीमों को प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है. खराब मौसम और मलबे के कारण हवाई और ज़मीनी बचाव अभियानों में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
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बचाव कार्य: अब तक 3,700 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पतालों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है.
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पनबिजली परियोजनाएं: बांध और हाइड्रोपावर साइट्स पर काम कर रहे 900 से अधिक कर्मचारी और मजदूर लापता हैं, जिनकी तलाश में सुरंगों और प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी ली जा रही है.
विदेशी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की स्थिति
नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) के अनुसार, लापता लोगों में 500 से अधिक विदेशी नागरिक शामिल हैं. इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय तीर्थयात्री और ट्रेकर्स भी हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय और नेपाल स्थित दूतावास फंसे हुए नागरिकों से संपर्क स्थापित करने और सहायता पहुंचाने के लिए लगातार समन्वय कर रहे हैं.
व्यापक ढांचागत नुकसान
इस आपदा से सड़कों, विद्युत नेटवर्क और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल और चिकित्सीय सहायता पहुंचाने के लिए विशेष सैन्य हेलीकॉप्टरों का सहारा लिया जा रहा है. पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी राहत सामग्री नेपाल पहुंचने लगी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 31, 2026 08:55 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

