Wankhede Stadium: वानखेड़े स्टेडियम को क्यों नहीं मिल रहे इंटरनेशनल मैच? MCA ने BCCI के सामने उठाई बड़ी मांग
1974 में स्थापित वानखेड़े स्टेडियम भारतीय क्रिकेट के कई ऐतिहासिक पलों का साक्षी रहा है. 2011 वनडे विश्व कप फाइनल में भारत की यादगार जीत, सचिन तेंदुलकर का अंतिम टेस्ट और कई ऐतिहासिक मुकाबले इसी मैदान पर खेले गए. ऐसे में इस प्रतिष्ठित स्टेडियम को लगातार कम इंटरनेशनल मुकाबले मिलना क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है.
Wankhede Stadium International Matches: भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों में शुमार मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम को पिछले कुछ वर्षों से इंटरनेशनल मैचों की मेजबानी में लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है. 2011 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल और कई ऐतिहासिक मुकाबलों का गवाह रहा यह मैदान अब बड़े मुकाबलों के लिए तरसता नजर आ रहा है. इसी मुद्दे को लेकर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने बीसीसीआई की 95वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में वानखेड़े को भविष्य के घरेलू सीजन में अधिक इंटरनेशनल मुकाबले आवंटित करने की मांग उठाई है. South Africa vs Australia ODI Series 2026: दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच इस दिन से शुरू होगी वनडे सीरीज, यहां जानें दोनों टीमों का स्क्वाड, शेड्यूल और सभी अहम जानकारी
2026-27 होम सीजन में मिला सिर्फ एक इंटरनेशनल मैच
बीसीसीआई द्वारा जारी 2026-27 घरेलू अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में वानखेड़े स्टेडियम को सिर्फ एक मुकाबले की मेजबानी मिली है. जनवरी 2027 में भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेला जाने वाला तीसरा वनडे ही इस प्रतिष्ठित मैदान का इकलौता इंटरनेशनल मैच होगा. ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य बड़ी टीमों के खिलाफ होने वाली सीरीज के मुकाबले दूसरे शहरों को दिए गए, जिससे मुंबई के क्रिकेट प्रेमियों में निराशा है.
8 साल में केवल 2 टेस्ट मैच
वानखेड़े स्टेडियम को बीसीसीआई ने 'स्थायी टेस्ट सेंटर' का दर्जा दिया हुआ है. इसके बावजूद आंकड़े बताते हैं कि पिछले आठ वर्षों में यहां केवल दो टेस्ट मैच आयोजित किए गए हैं. टेस्ट क्रिकेट के सबसे ऐतिहासिक केंद्रों में शामिल इस मैदान पर लगातार कम मैच मिलना न सिर्फ मुंबई क्रिकेट के लिए चिंता का विषय है, बल्कि क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भी निराशाजनक है.
MCA ने BCCI से की भविष्य में ज्यादा मैच देने की अपील
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने बीसीसीआई से अनुरोध किया है कि भविष्य के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम तैयार करते समय वानखेड़े स्टेडियम को उसकी ऐतिहासिक विरासत और क्रिकेट में योगदान के अनुरूप अधिक मुकाबले दिए जाएं. MCA का मानना है कि वानखेड़े केवल मुंबई का नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट का एक प्रतिष्ठित केंद्र है और यहां नियमित रूप से बड़े मुकाबले होने चाहिए.
भारतीय क्रिकेट के इतिहास का अहम गवाह है वानखेड़े
1974 में स्थापित वानखेड़े स्टेडियम भारतीय क्रिकेट के कई ऐतिहासिक पलों का साक्षी रहा है. 2011 वनडे विश्व कप फाइनल में भारत की यादगार जीत, सचिन तेंदुलकर का अंतिम टेस्ट और कई ऐतिहासिक मुकाबले इसी मैदान पर खेले गए. ऐसे में इस प्रतिष्ठित स्टेडियम को लगातार कम इंटरनेशनल मुकाबले मिलना क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 20, 2026 03:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

