Kirti Patel Viral Video: जूनागढ़ के मृगी कुंड में साधुओं के साथ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कीर्ति पटेल ने लगाई डुबकी, शाही स्नान की परंपरा टूटने पर संतों में आक्रोश
जूनागढ़ के भवनाथ मेले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कीर्ति पटेल द्वारा साधुओं के लिए आरक्षित मृगी कुंड में स्नान करने पर विवाद खड़ा हो गया है. परंपरा के उल्लंघन के आरोपों और पुलिस के साथ उनकी बहस के बाद प्रशासन ने उन्हें मेले से बाहर कर दिया है.
Kirti Patel Viral Video: गुजरात के जूनागढ़ में चल रहे ऐतिहासिक भवनाथ महाशिवरात्रि मेले में उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई जब प्रसिद्ध सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कीर्ति पटेल ने साधुओं के लिए आरक्षित पवित्र मृगी कुंड में डुबकी लगाई. सोमवार, 16 फरवरी को हुई इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद साधु-संतों और स्थानीय प्रशासन ने कड़ी नाराजगी जताई है. नियमों के उल्लंघन के बाद कीर्ति पटेल को पुलिस द्वारा परिसर से बाहर कर दिया गया.
साध्वी के वेश में पहुंचीं मृगी कुंड
प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्टों के अनुसार, कीर्ति पटेल भगवा वस्त्र धारण कर और सिर पर पारंपरिक साफा बांधकर साध्वी के वेश में पहुंची थीं. भारी भीड़ और सैकड़ों संतों की उपस्थिति का लाभ उठाते हुए वे प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर गईं. महाशिवरात्रि मेले के अंतिम दिन जब नागा साधुओं का शाही स्नान चल रहा था, तब पटेल ने 'हर हर महादेव' के जयघोष के बीच कुंड में स्नान किया. यह भी पढ़े: हरिद्वार में गंगा स्नान करने पहुंचीं खुशबू पाटनी, माथे पर चंदन लगाकर किया भगवान शिव का ध्यान
मृगी कुंड में साधुओं के साथ कीर्ति पटेल ने लगाई डुबकी
क्या है मृगी कुंड की परंपरा?
भवनाथ मेले में मृगी कुंड का विशेष धार्मिक महत्व है. वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, महाशिवरात्रि की आधी रात को निकलने वाली रवेडी (जुलूस) के बाद इस कुंड में केवल नागा साधु और अखाड़ों के संत ही 'शाही स्नान' करते हैं. आम जनता और महिलाओं का इस विशेष समय पर कुंड में प्रवेश पूरी तरह वर्जित है. संतों का मानना है कि इस परंपरा के उल्लंघन से स्थान की पवित्रता प्रभावित हुई है.
पुलिस और प्रशासन के साथ तीखी बहस
घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षाकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. जब पुलिस ने उन्हें कुंड से बाहर निकाला, तो कीर्ति पटेल और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई. वायरल वीडियो में पटेल को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "मैं कोई अपराधी या आरोपी नहीं हूं." उन्होंने पुलिस पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया, जबकि अधिकारियों ने उन्हें धार्मिक मर्यादा का पालन करने की हिदायत दी.
प्रशासन का रुख और कार्रवाई
जूनागढ़ के प्रांत अधिकारी चरणसिंह गोहिल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भवनाथ मेले के इतिहास में ऐसी घटना अभूतपूर्व है. उन्होंने स्पष्ट किया कि लाखों की भीड़ के कारण शुरुआत में उनकी पहचान मुश्किल थी, लेकिन उल्लंघन का पता चलते ही तुरंत कार्रवाई की गई. संत समुदाय ने इस घटना की निंदा करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा इंतजामों की मांग की है.
बता दें कि कीर्ति पटेल पहले भी कई बार विवादों में रह चुकी हैं. इस ताज़ा विवाद के बाद स्थानीय पुलिस अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की संभावनाओं पर विचार कर रही है.