जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में 40 जवानों की शाहदत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस आत्मघाती हमले के 8 दिन बाद भी देश का दर्द कम नहीं हुआ है. पूरा देश दुःख की इस घड़ी में शहीदों की परिवार के साथ खड़ा है. सभी अपनी तरफ से हर संभव मदद कर रहा है. एक ओर भारत सरकार ने जहां शहीदों के परिवार की मदद के लिए 'भारत के वीर' एप लांच किया है, वहीं इसके अलावा भी अन्य कई तरीकों से देशवासी शहीदों के परिवार की मदद के लिए आगे आ रहा है. बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वाहन पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. पुलवामा के इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी.
इस कड़ी में उत्तर प्रदेश के बरेली में एक प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल ने अपने सोने के कंगन बेंच कर करीब 13 लाख की रकम शहीदों के परिवारों की मदद के लिए दान कर दी. किरण झागवाल (Kiran Jhagwal) प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल हैं उन्होंने पुलवामा आतंकी हमले में जान गंवाने वाले 40 सीआरपीएफ जवानों के परिवार की मदद के लिए 1,38,387 रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में दान किए. किरण झागवाल ने बताया की पुलवामा हमले के बाद जब शहीदों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों के पास पहुंचे और उन्होनें शहीदों की पत्नियों को रोते हुए टीवी पर देखा तो उन्हें बहुत दुख हुआ. यह भी पढ़ें- पुलवामा में जवानों की शहादत के बाद पीएम मोदी ने नहीं खाया था खाना, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
Kiran Jhagwal,a pvt school Principal in Bareilly,sold her bangles&donated Rs 1,38,387 in Prime Minister's Relief Fund for families of CRPF jawans who lost their lives in #PulwamaAttack. She says, "When I saw their wives crying on TV,I thought what's the use of my bangles?" (21.2) pic.twitter.com/OYOOjuFASl
— ANI UP (@ANINewsUP) February 21, 2019
प्रिंसिपल ने बताया कि जवानों की शाहदत से उन्हें बहुत दुःख हुआ और वह सोचने लगी कि वह उन्हें परिवार और उन महिलाओं के लिए क्या कर सकती हैं. इसके बाद उन्होंने अपने सोने के कंगन बेचने का फैसला किया. इन सोने के कंगनों को बेचने के बाद जो पैसे जमा हुए, उसे उन्होनें पुलवामा में शहीद जवानों के परिवार वालों के लिये प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर किया. उन्होनें बताया कि जो कंगन उन्होंने शहीदों के लिए दान किए, दरअसल वो उनके पिता ने उन्हें तोहफे में दिये थे. उन्होनें अपने स्कूल में 2 मिनट का मौन भी रखा और शहीदों को श्रद्धांजलि दी.
प्रिंसिपल किरण झागवाल न केवल खुद जवानों के परिवार के लिए आगे आई, बल्कि उन्होंने बाकि लोगों को भी इसके लिए प्रेरित किया. प्रिंसिपल किरण ने कहा कि हमारा देश 130 करोड़ आबादी वाला देश है. अगर देश का हर परिवार अपनी तरफ से एक रुपया का भी दान करे, तो उन शहीदों के परिवार वालों के लिए बहुत पैसे जमा हो जाएंगे.













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