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कर्नाटक: CAA के विरोध में वामपंथी और मुस्लिम संगठनों ने किया बंद का ऐलान, 3 दिन के लिए धारा 144 लागू

कर्नाटक में वामपंथी और मुस्लिम संगठनों ने इस कानून के विरोध में गुरुवार को बंद का आह्वान किया है. सीएए के विरोध में किए गए बंद ऐलान के मद्देनजर बेंगलुरु पुलिस ने गुरुवार सुबह 6 बजे से अगले 3 दिनों के लिए धारा 144 लागू करने का फैसला किया है

कर्नाटक: CAA के विरोध में वामपंथी और मुस्लिम संगठनों ने किया बंद का ऐलान, 3 दिन के लिए धारा 144 लागू
नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध (Photo Credits: IANS)

बेंगलुरु: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) के हस्ताक्षर के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill- CAB) अब नागरिकता संशोधन अधिनियम (Citizenship Amendment Act- CAA) बन गया है, जिसे लेकर देश के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. कई जगहों पर लोगों का विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका है. नागरिकता संशोधन कानून का कर्नाटक में भी पुरजोर विरोध किया जा रहा है. कर्नाटक (Karnataka) में वामपंथी (Left Wing) और मुस्लिम संगठनों (Muslim Organisations) ने इस कानून के विरोध में गुरुवार को बंद (Bandh) का आह्वान किया है. सीएए (CAA) के विरोध में किए गए बंद के ऐलान के मद्देनजर बेंगलुरु पुलिस ने गुरुवार सुबह 6 बजे से अगले 3 दिनों के लिए धारा 144 लागू करने का फैसला किया है.

बेंगलुरु पुलिस आयुक्त भास्कर राव (Bhaskar Rao) ने कहा कि वामपंथी और मुस्लिम संगठनों द्वारा बंद का आह्वान किया गया है. इस दौरान किसी प्रकार की हिंसा न भड़के, इसलिए ग्रामीण जिलों समेत पूरे बेंगलुरु में गुरुवार सुबह 6 बजे से अगले 3 दिनों के लिए धारा 144 लागू की जाएगी.

कर्नाटक में सीएए के विरोध में बंद का आह्वान

बता दें कि इससे पहले कर्नाटक में कांग्रेस नेता यूटी खादर ने सीएए को लेकर राज्य के सीएम को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर कर्नाटक में यह कानून लागू हुआ तो नतीजा अच्छा नहीं होगा. इस कानून के विरोध में देश के विभिन्न इलाकों से हिंसक विरोध प्रदर्शन की घटनाएं सामने आ रही हैं. यह भी पढ़ें: नागरिकता संशोधन कानून पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, 59 याचिकाओं पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी

गौरतलब है कि इस कानून के आधार पर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिम शरणार्थी भारत की नागरिकता आसानी से प्राप्त कर पाएंगे, जबकि इन देशों से आए मुस्लिम शरणार्थियों को इससे वंचित रखा जाएगा. यही वजह है कि इस बिल के पास होने के बाद से ही देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, जबकि एक पक्ष इस कानून का समर्थन भी कर रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 18, 2019 09:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).