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एनडीए-इंडिया के बीच बंटा कर्नाटक जद(एस), संकट बढ़ने की आशंका

17-18 जुलाई को यहां विपक्ष की बैठक के आसपाास कुमारस्‍वामी के दिए गए बयानों व संकेतों से पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में नाराजगी है

एनडीए-इंडिया के बीच बंटा कर्नाटक जद(एस), संकट बढ़ने की आशंका
H. D. Kumaraswamy (Photo Credit: BQ Prime)

मुंबई/बेंगलुरु, 25 जुलाई: जनता दल (सेक्युलर) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्‍वामी की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ गठबंधन पर टिप्‍पणियों ने कई लोगों को परेशान कर दिया है शीर्ष नेताओं ने संकेत दिया है कि पार्टी को जल्द ही एक नए संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है. यह भी पढ़े: Karnataka Election 2023: कर्नाटक चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व MLA अनिल लाड को टिकट नहीं मिलने पर JDS में शामिल

17-18 जुलाई को यहां विपक्ष की बैठक के आसपाास कुमारस्‍वामी के दिए गए बयानों व संकेतों से पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में नाराजगी है कुमारस्वामी के बयानों से नाराज लोगों में जद (एस) के कई शीर्ष नेता शामिल हैं, इनमें प्रदेश अध्यक्ष सी.एम.इब्राहिम और वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना ओबैदुल्ला खान आज़मी भी शामिल हैं

चार बार के पूर्व राज्यसभा सांसद और पार्टी में नंबर 2 नेता आजमी ने मुंबई में आईएएनएस को बताया, "हां...हमने कुमारस्वामी के बयानों को गहरी चिंता के साथ देखा हैख्‍ यह जद (एस) का आधिकारिक विचार नहीं है, यह उनकी निजी राय हो सकती है, पार्टी को किसी के निजी विचारों की परवाह नहीं है टिप्पणियों से पल्ला झाड़ते हुए मौलाना ने यहां तक कहा कि क्या "कुमारस्वामी ने शीर्ष नेतृत्व से सलाह ली थी" क्योंकि पार्टी ने अब तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया है.

आजमी ने दावा किया कि अधिकांश वरिष्ठ नेता भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ गठबंधन करने के कुमारस्वामी के संकेतों से बेहद परेशान हैं और जद (एस) के भीतर इस पर गर्म चर्चाएं चल रही हैं इस पृष्ठभूमि में, सत्तारूढ़ कांग्रेस के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को सनसनीखेज दावा किया कि कर्नाटक में उनकी पार्टी की सरकार को गिराने की साजिश  सिंगापुर में रची जा रही है.

आजमी ने घोषणा की, "हम इस मामले को अगस्त के पहले सप्ताह में पूर्व प्रधान मंत्री और पार्टी अध्यक्ष एच.डी. देवेगौड़ा के सामने उठाएंगे और उनसे एक बार और सभी के लिए स्पष्टीकरण देने और मुद्दे को खत्म करने का आग्रह करेंगे.

हालांकि समझा जाता है कि देवेगौड़ा ने पार्टी के भीतर मतभेदों की उबलती कड़ाही पर अस्थायी ढक्कन लगा दिया है, लेकिन राज्य के कुछ नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उन्हें दरार गहराने से पहले भरने के लिए "एक स्पष्ट और अंतिम बयान देना चाहिए.

बेंगलुरु में एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "पार्टी का नाम जेडी (एस) है... 'एस' का मतलब सेक्युलर है... अगर कुमारस्वामी का सुझाव मान लिया जाता है, तो क्या यह 'सी' के साथ जद (सी) बन जाएगी? उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि पिछले विधानसभा चुनाव में लोगों ने 'सेक्युलरिज्म' के लिए भारी मतदान किया था.

उन्होंने एनडीए-बीजेपी के लिए कुमारस्वामी के हालिया प्रस्तावों को 'उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और फिर से कर्नाटक का सीएम बनने की बेताब इच्छा का परिणाम' बताया अन्य वरिष्ठ नेताओं ने निजी तौर पर संकेत दिया है कि अगर देवेगौड़ा सहित पार्टी, कुमारस्वामी लाइन पर चलने का फैसला करती है, तो इसकी एकता पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं आजमी ने  कहा, "बहुत कुछ पार्टी अध्यक्ष के रुख पर निर्भर करता है... अन्यथा, हमारे पास अपना स्वतंत्र, धर्मनिरपेक्ष रास्ता अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा.

शिवकुमार के तर्कों पर, बेंगलुरु जद (एस) के एक पदाधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र (जून 2022) जैसा एक और 'ऑपरेशन लोटस' आसान नहीं हो सकता है, क्योंकि कांग्रेस क्षेत्रीय ताकतों, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विपरीत एक राष्ट्रीय स्तर की पार्टी है मई 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस ने 135 सीटों पर कब्जा कर लिया, भाजपा ने 66 सीटें हासिल कीं, जबकि जद (एस) 224 सदस्यीय निचले सदन में केवल 16 सीटें हासिल कर पाई.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2023 02:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).