Snapchat Lawsuit: 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में स्नैपचैट पर मुकदमा, माता-पिता ने ऐप के फीचर्स को ठहराया जिम्मेदार

Snap Inc. पहले भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई कानूनी चुनौतियों का सामना कर चुकी है. साल 2024 में न्यू मैक्सिको राज्य ने कंपनी पर आरोप लगाया था कि उसका प्लेटफॉर्म सेक्सटॉर्शन, मानव तस्करी और बच्चों के यौन शोषण जैसे अपराधों को बढ़ावा देता है. इसी तरह वर्मोंट समेत कई अन्य राज्यों में भी ऐसे मामले लंबित हैं.

Snapchat Lawsuit: अमेरिका के मिसौरी राज्य में 12 वर्षीय बच्ची के साथ हुए रेप मामले को लेकर सोशल मीडिया कंपनी Snapchat की पैरेंट कंपनी Snap Inc. के खिलाफ बड़ा मुकदमा दायर किया गया है. बच्ची के माता-पिता ने बुधवार को मिसौरी की एक राज्य अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया कि स्नैपचैट के एल्गोरिदम और रियल-टाइम लोकेशन शेयरिंग फीचर ने एक वयस्क यौन शिकारी को उनकी बेटी तक पहुंचने, उसका पीछा करने और उसे ग्रूम (Groom) करने में मदद की. परिवार का कहना है कि कंपनी के प्लेटफॉर्म की डिजाइन सीधे तौर पर इस अपराध के लिए जिम्मेदार है. FACT CHECK: स्नैपचैट लेंस से बनाई गई है कंटेंट क्रिएटर श्वेता पुंडीर की ये PHOTO, इसे 'लव जिहाद' से जोड़कर फैलाया जा रहा है झूठ; जानें सच्चाई

मुकदमे के मुताबिक, पीड़िता ने साल 2021 में 11 साल की उम्र में अपने माता-पिता की जानकारी के बिना Snapchat अकाउंट बनाया था. हालांकि ऐप पर न्यूनतम आयु सीमा 13 वर्ष है, लेकिन बच्ची आसानी से इस नियम को पार कर गई. एक साल बाद Snapchat के "Friend Recommendation" फीचर ने कथित तौर पर बच्ची का प्रोफाइल 25 वर्षीय गैब्रियल जोएल वैलेंटिन-रियोस (Gabriel Joel Valentin-Rios) को सुझाया, जिसका बच्ची या उसके परिवार से कोई वास्तविक परिचय नहीं था.

याचिका में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने स्नैपचैट के "Snap Maps" फीचर का इस्तेमाल कर बच्ची की रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक की. इसके बाद उसने अपनी असली उम्र छिपाकर खुद को 17 वर्षीय किशोर बताया और बच्ची से बातचीत शुरू की. शिकायत के अनुसार, आरोपी ने पहले अश्लील तस्वीरें भेजीं और फिर मिलने का बहाना बनाकर बच्ची के साथ रेप किया.

घटना के बाद गैब्रियल जोएल वैलेंटिन-रियोस को गिरफ्तार किया गया. उसने अदालत में वैधानिक बलात्कार (Statutory Rape) का अपराध स्वीकार कर लिया और फिलहाल मिसौरी की जेल में 18 साल की सजा काट रहा है. मुकदमे में यह भी दावा किया गया है कि Snap Inc. को पहले से जानकारी थी कि आरोपी कई स्नैपचैट अकाउंट बनाकर नाबालिग लड़कियों को निशाना बना रहा था, जो कंपनी की सेवा शर्तों का उल्लंघन था. इसके बावजूद उसका प्लेटफॉर्म पर एक्सेस समाप्त नहीं किया गया.

परिवार ने अदालत से आर्थिक हर्जाने के अलावा स्नैपचैट के उन फीचर्स में बदलाव की भी मांग की है, जिन्हें बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरनाक बताया गया है. याचिका के अनुसार, घटना के बाद बच्ची पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD), एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं से जूझ रही है.

Snap Inc. पहले भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई कानूनी चुनौतियों का सामना कर चुकी है. साल 2024 में न्यू मैक्सिको राज्य ने कंपनी पर आरोप लगाया था कि उसका प्लेटफॉर्म सेक्सटॉर्शन, मानव तस्करी और बच्चों के यौन शोषण जैसे अपराधों को बढ़ावा देता है. इसी तरह वर्मोंट समेत कई अन्य राज्यों में भी ऐसे मामले लंबित हैं. हालांकि कंपनी का कहना है कि वह ऑनलाइन यौन अपराधियों की पहचान कर उन्हें रोकने के लिए उन्नत तकनीक का इस्तेमाल करती है, लेकिन मिसौरी में दायर इस नए मुकदमे पर फिलहाल उसकी ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

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