Ladki Bahin Yojana e-KYC last Date: लाडकी बहन योजना की ई-केवाईसी सुधार के लिए बचे हैं अब कुछ ही दिन, जानें क्या है अंतिम डेट

हाराष्ट्र सरकार ने 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) विवरण में सुधार करने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2026 निर्धारित की है. जिन महिलाओं के आवेदनों में तकनीकी त्रुटियां हैं, उनके लिए यह लाभ जारी रखने का अंतिम अवसर है.

E-KYC Update

Ladki Bahin Yojana e-KYC last Date:  महाराष्ट्र सरकार की महात्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' के तहत लाभ ले रही महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है. राज्य सरकार ने उन लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) विवरण में सुधार करने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2026 तय की है, जिनके आवेदनों में जानकारी भरते समय त्रुटियां रह गई थीं. महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, यह सुधार प्रक्रिया उन महिलाओं के लिए अनिवार्य है जिनकी किस्तें तकनीकी गलतियों के कारण रुकी हुई हैं.

क्यों जरूरी है ई-केवाईसी में सुधार?

योजना के शुरुआती चरण में कई महिलाओं ने ऑनलाइन आवेदन करते समय गलत विकल्प चुन लिए थे. विशेष रूप से 'परिवार में सरकारी कर्मचारी' या 'चार पहिया वाहन' जैसे कॉलम में अनजाने में गलत जानकारी भरने के कारण कई पात्र महिलाएं 1,500 रुपये की मासिक सहायता से वंचित रह गई थीं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुधार का यह मौका केवल एक बार दिया जा रहा है ताकि पारदर्शी तरीके से केवल पात्र लाभार्थियों को ही पैसा मिल सके.  यह भी पढ़े:  Ladki Bahin Yojana E-KYC Deadline: 31 मार्च तक पूरा करें वेरिफिकेशन, नहीं तो रुक सकती है ₹1500 की किस्त

31 मार्च है आखिरी मौका

महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने सोशल मीडिया के माध्यम से सूचित किया है कि पोर्टल पर सुधार की सुविधा अब अंतिम चरण में है. लाभार्थी 31 मार्च, 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं. इस समय सीमा के बाद किसी भी सुधार की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे अपूर्ण जानकारी वाले आवेदकों का लाभ हमेशा के लिए बंद हो सकता है.

सुधार की प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

लाभार्थी महिलाएं घर बैठे या नजदीकी सीएससी (CSC) केंद्र के माध्यम से सुधार कर सकती हैं:

स्थानीय स्तर पर भौतिक सत्यापन

ऑनलाइन सुधार के साथ-साथ, सरकार ने जिला प्रशासन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय किया है. जिन लाभार्थियों को ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई आ रही है, उनकी मदद के लिए स्थानीय स्तर पर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) भी किया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य की कोई भी जरूरतमंद और पात्र महिला इस योजना के लाभ से न छूटे.

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