जरुरी जानकारी

नए कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलना में दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट है अड़चन: CM अरविंद केजरीवाल

दिल्ली में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की संख्या काफी कम होने की वजह से कई कॉलेजों में कटऑफ 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है. अच्छे अंक लाने के बावजूद छात्र एडमिशन के लिए परेशान हैं. इस मौजूदा स्थिति पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, हम दिल्ली में कई नए कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलना चाहते हैं, लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट इसमें अड़चन पैदा कर रहा हैं.

नए कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलना में दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट है अड़चन: CM अरविंद केजरीवाल
सीएम अरविंद केजरीवाल (Photo Credits: ANI)

नई दिल्ली, 17 अक्टूबर: दिल्ली में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की संख्या काफी कम होने की वजह से कई कॉलेजों में कटऑफ 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है. अच्छे अंक लाने के बावजूद छात्र एडमिशन के लिए परेशान हैं. इस मौजूदा स्थिति पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा, हम दिल्ली में कई नए कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलना चाहते हैं, लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट इसमें अड़चन पैदा कर रहा हैं. इसलिए मैंने अंग्रेजों द्वारा बनाए गए दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट 1922 के सेक्शन 5 (2) को हटाने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है. दिल्ली में नए कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलने का रास्ता साफ हो सके.

सीएम केजरीवाल ने कहा, दिल्ली (Delhi) में हर साल करीब 2.5 लाख बच्चे 12वीं पास करते हैं, इसमें से केवल 1.25 लाख बच्चों को ही दिल्ली के कॉलेजों या यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिल पाता है. वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी से 91 और आईपी यूनिवर्सिटी से 127 कॉलेज संबद्ध हैं और अब उनकी क्षमता भर हो चुकी है, डीयू ने पिछले 30 वर्षों में एक भी नया कॉलेज नहीं खोला है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, मैंने कुछ दिन पहले अखबारों में पढ़ा कि दिल्ली के कुछ कॉलेजों में 100 प्रतिशत कट ऑफ है, जो बच्चे 12वीं कक्षा पास करने के बाद कॉलेजों में एडमिशन लेने की कोशिश कर रहे हैं, उनको बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है.

यह भी पढ़ें: Delhi Air Pollution: सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा-दिल्लीवासी रेड सिग्नल पर वाहन बंद कर प्रदूषण कम करने में योगदान दें, इससे ईंधन की भी बचत होगी

अगर 100 प्रतिशत कट ऑफ है, तो बाकी बच्चे कहां जाएंगे. जिन बच्चों को 90 प्रतिशत, 95 प्रतिशत, 80, 70 या 60 प्रतिशत अंक मिले हैं, उनका भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है. ये बच्चे कहां जाएंगे. ऐसा क्यों हो रहा है कि कटआफ इतना ज्यादा जा रहा है. इसमें बच्चों की कोई गलती नहीं है. इसमें हम सब की गलती है, सभी सरकारों की गलती है, अभी तक दिल्ली में जितनी भी सरकारें आईं, उन सबकी गलती है, हमारी गलती है, केंद्र सरकार की गलती है.

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के अंदर इस समय बहुत सारे कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलने की जरूरत है. इसके लिए दिल्ली सरकार तैयार हैं, हम तैयार हैं. हम नए कालेजों और विश्वविद्यालय में निवेश करने के लिए तैयार हैं, हम नए कॉलेज और विश्वविद्यालय खोलने के लिए तैयार हैं. लेकिन नए कॉलेज या यूनिवर्सिटी खोलने में हमारे सामने एक बहुत बड़ी कानूनी अड़चन आ रही है.

यह भी पढ़ें: सीएम अरविंद केजरीवाल से सिनेमा हल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने की मुलाकात, दिल्ली में सिनेमा हॉल खोलने के फैसले पर जताया आभार

मुख्यमंत्री ने बताया कि अंग्रेजों ने 1922 में दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट बनाया था और उस समय इसी एक्ट के तहत दिल्ली यूनिवर्सिटी बनाई गई थी. इस दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट में यह लिखा हुआ है कि अगर दिल्ली में कोई भी नया कॉलेज खुलेगा, वह सिर्फ दिल्ली यूनिवर्सिटी के साथ संबद्ध हो सकता है और किसी भी यूनिवर्सिटी के साथ संबंद्ध नहीं हो सकता है. पहले से ही दिल्ली यूनिवर्सिटी से 91 कॉलेज संबद्ध हैं.

पिछले 30 साल में दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कोई भी नया कॉलेज नहीं खोला है. पिछले 30 वर्षों में दिल्ली यूनिवर्सिटी से किसी भी नए कालेज को संबद्धता (एफ्लिएशन) नहीं मिली है. क्योंकि दिल्ली यूनिवर्सिटी की क्षमता पहले ही भर चुकी है, अब वो और नए कॉलेज की संबद्धता नहीं कर सकते हैं. दिल्ली के अंदर नई यूनिवर्सिटी खुल नहीं सकती है, क्योंकि यह दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेक्शन 5(2) में लिखा है कि कोई भी नया कॉलेज खुलेगा, तो वो केवल दिल्ली यूनिवर्सिटी से संबद्ध होगा. इसलिए कोई यूनिवर्सिटी भी नहीं खुल सकती है और कोई भी नया कॉलेज नहीं खुल सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 17, 2020 08:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).