CR Monsoon Timetable: सेंट्रल रेलवे का मानसून को लेकर कई गाड़ियों के टाइम में बदलाव, मुंबई से गोवा और केरल जाने वाली ट्रेनों का समय बदला, चेक लिस्ट

इस बदलाव का असर मुंबई से मडगांव (गोवा), मंगलुरु, करमाली, तिरुवनंतपुरम और एर्नाकुलम (केरल) जैसे प्रमुख स्टेशनों के बीच चलने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा. रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले संशोधित समय सारणी की जांच अवश्य कर लें.

(Photo Credits ANI)

CR Monsoon Timetable: सेंट्रल रेलवे (मध्य रेलवे) ने मानसून के मौसम को देखते हुए कोंकण रेलवे रूट पर चलने वाली कई प्रमुख ट्रेनों की समय सारणी (टाइमटेबल) में बदलाव की घोषणा की है. आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, भारी बारिश के दौरान सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है. ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के समय में किए गए यह बदलाव 15 जून से प्रभावी होंगे और 20 अक्टूबर तक लागू रहेंगे.

इस बदलाव का असर मुंबई से मडगांव (गोवा), मंगलुरु, करमाली, तिरुवनंतपुरम और एर्नाकुलम (केरल) जैसे प्रमुख स्टेशनों के बीच चलने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा. रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले संशोधित समय सारणी की जांच अवश्य कर लें.  यह भी पढ़े:  CR Ticketless Commuters Penalty: सेंट्रल रेलवे की बड़ी कार्रवाई, मुंबई में बिना टिकट 9,509 यात्रियों से एक दिन में वसूला ₹71.38 लाख का जुर्माना

वंदे भारत और तेजस समेत 25 ट्रेनों का बदला समय

रेलवे द्वारा जारी सूची के अनुसार, सुपरफास्ट, एक्सप्रेस और पैसेंजर श्रेणियों की लगभग 25 से अधिक ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है. नीचे कुछ प्रमुख ट्रेनों का मानसून कालीन समय दिया गया है:

कुछ प्रमुख ट्रेनों के परिचालन के दिनों में भी कटौती

समय में बदलाव के साथ-साथ रेलवे ने मानसून के दौरान कुछ प्रीमियम और एक्सप्रेस ट्रेनों के चलने के दिनों (फेरों) में भी कमी की है. प्रभावित ट्रेनों का विवरण इस प्रकार है:

 सुरक्षा कारण

कोंकण रेलवे रूट अपनी भौगोलिक संरचना के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है. मानसून के दौरान इस पश्चिमी घाट वाले क्षेत्र में भारी बारिश होती है, जिससे भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और पटरियों पर पानी भरने का खतरा बना रहता है.

रेलवे प्रशासन के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए हर साल ट्रेनों की गति को नियंत्रित किया जाता है. इसी वजह से ट्रेनों के पहुंचने और छूटने के समय में अंतर आता है और मानसून शेड्यूल लागू करना पड़ता है.

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