8th Pay Commission News: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, फिटमेंट फैक्टर और सैलरी बढ़ोतरी पर आया नया अपडेट, जानें पूरी डिटेल
8वें वेतन आयोग ने सरकारी विभागों से डेटा जमा करने की समय-सीमा को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है. जानिए नए फिटमेंट फैक्टर के तहत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में होने वाली संभावित बढ़ोतरी और भत्तों पर इसका असर
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8th Pay Commission News: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है. आयोग ने सभी सरकारी विभागों और मंत्रालयों को अपने कर्मचारियों का आवश्यक डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर जमा करने की समय-सीमा को बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया है. यह कदम वेतन, पेंशन और भत्तों में संशोधन की सिफारिशों को अंतिम रूप देने की दिशा में उठाया गया है. उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग साल 2027 के मध्य तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगा, जबकि नए वेतनमान को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है.
हितधारकों के साथ चर्चा का दौर जारी
आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश (जस्टिस) रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. वर्तमान में आयोग विभिन्न हितधारकों और कर्मचारी संगठनों के साथ गहन विचार-विमर्श के दौर से गुजर रहा है. हाल ही में आयोग की टीम ने कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों का दौरा कर कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है. यह भी पढ़े: 8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट, डेटा सबमिशन की तारीख 31 जुलाई तक बढ़ी, मूल वेतन और एरियर पर बड़े बदलावों की उम्मीद
हालांकि, औपचारिक ज्ञापन (Memorandum) सौंपने की समय-सीमा 15 जून को समाप्त हो चुकी है, लेकिन आयोग का पूरा ध्यान अब डेटा संग्रह पर केंद्रित है. आधिकारिक पोर्टल पर जारी नोटिस के अनुसार, केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त डेटा को ही सिफारिशों के लिए मान्य माना जाएगा.
फिटमेंट फैक्टर की भूमिका और संभावित वेतन वृद्धि
8वें वेतन आयोग में सबसे अधिक चर्चा 'फिटमेंट फैक्टर' (वह गुणक जिससे मूल वेतन की गणना होती है) को लेकर हो रही है. कर्मचारी यूनियनें लगातार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की मांग कर रही हैं. हालांकि सरकार ने अभी तक किसी अंतिम आंकड़े की घोषणा नहीं की है, लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के तहत वेतन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर का प्रभाव विभिन्न वेतन स्तरों (Pay Levels) पर अलग-अलग होता है. आइए देखते हैं कि संभावित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक सैलरी कितनी बढ़ सकती है:
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लेवल 1 के कर्मचारी (न्यूनतम मूल वेतन वर्तमान में ₹18,000):
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2.1 के फिटमेंट फैक्टर पर संशोधित मूल वेतन ₹37,800 हो सकता है.
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2.5 के फिटमेंट फैक्टर पर यह राशि ₹45,000 तक पहुंच सकती है.
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3.0 के फिटमेंट फैक्टर पर बेसिक सैलरी ₹54,000 हो सकती है.
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लेवल 10 के अधिकारी (वर्तमान मूल वेतन ₹56,100):
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2.1 के फिटमेंट फैक्टर पर संशोधित मूल वेतन लगभग ₹1.18 लाख हो सकता है.
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2.5 के फिटमेंट फैक्टर पर यह राशि लगभग ₹1.40 लाख तक पहुंच सकती है.
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3.0 के फिटमेंट फैक्टर पर बेसिक सैलरी लगभग ₹1.68 लाख हो सकती है.
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भत्तों और पेंशन पर भी पड़ेगा सीधा असर
फिटमेंट फैक्टर केवल मूल वेतन को ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इससे जुड़े कई अन्य भत्तों को भी सीधे प्रभावित करता है. मूल वेतन संशोधित होने के बाद हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) और ग्रेच्युटी व पेंशन जैसे सेवानिवृत्ति लाभों में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी की जाएगी.
नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) जैसे केंद्रीय कर्मचारी संगठन लगातार इन भत्तों में सम्मानजनक वृद्धि की मांग कर रहे हैं. कर्मचारियों की मांग है कि बड़े शहरों में रहने के बढ़ते खर्च को देखते हुए एचआरए (HRA) के स्लैब में महत्वपूर्ण सुधार किया जाए.
कब लागू होगा नया वेतनमान?
आयोग की अंतिम सिफारिशें 2027 में आने की उम्मीद है, जिसके बाद सरकार नए वेतन ढांचे की अधिसूचना जारी करेगी. हालांकि, माना जा रहा है कि इन बदलावों को 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा. इसका अर्थ यह है कि जब भी नई दरें लागू होंगी, कर्मचारियों को एरियर (Arrears) के रूप में बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2026 03:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

