8वां वेतन आयोग: जानिए 2.0 और 2.57 फिटमेंट फैक्टर से मध्य स्तर के कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी
8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में काफी उत्सुकता है. जानिए 2.0 और 2.57 जैसे फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर मध्य स्तर (Mid-Level) के कर्मचारियों के मूल वेतन और टेक-होम सैलरी पर क्या असर पड़ सकता है.
8th Pay Commission Fitment Factor: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं. कर्मचारी संगठन और वित्तीय विशेषज्ञ लगातार इस बात का आकलन कर रहे हैं कि नए वेतन आयोग के तहत संभावित फिटमेंट फैक्टर लागू होने से मध्य स्तर (Mid-Level) के कर्मचारियों के मूल वेतन और भत्तों में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है.
क्या है फिटमेंट फैक्टर और इसके संभावित आंकड़े
फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गणितीय गुणांक (multiplier) है, जिसका उपयोग पुराने मूल वेतन को नई सैलरी मैट्रिक्स में बदलने के लिए किया जाता है. उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग के तहत 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था. 8वें वेतन आयोग के लिए वित्तीय विशेषज्ञों और कर्मचारी संघों द्वारा 1.83 से लेकर 2.57 तक के विभिन्न फिटमेंट फैक्टर मॉडल पर विचार किया जा रहा है.
विभिन्न पे-मैट्रिक्स लेवल पर संभावित वेतन संरचना
यदि 8वें वेतन आयोग में 2.0 या 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो मध्य स्तर के पे-मैट्रिक्स (लेवल 3 से लेवल 10) के मूल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा सकती है.
| पे-मैट्रिक्स लेवल | 7वें वेतन आयोग का मूल वेतन | 2.0 फिटमेंट फैक्टर (अनुमानित) | 2.57 फिटमेंट फैक्टर (अनुमानित) |
| लेवल 3 | ₹21,700 | ₹43,400 | ₹55,769 |
| लेवल 4 | ₹25,500 | ₹51,000 | ₹65,535 |
| लेवल 5 | ₹29,200 | ₹58,400 | ₹75,044 |
| लेवल 6 | ₹35,400 | ₹70,800 | ₹90,978 |
| लेवल 7 | ₹44,900 | ₹89,800 | ₹1,15,393 |
| लेवल 10 | ₹56,100 | ₹1,12,200 | ₹1,44,177 |
ग्रॉस और टेक-होम सैलरी का गणित
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ बेसिक पे में बढ़ोतरी से कुल सैलरी (Take-home salary) का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. कुल वेतन में महंगाई भत्ता (DA) और मकान किराया भत्ता (HRA) जैसे भत्ते महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
जब भी नया वेतन ढांचा लागू होता है, तब जमा हुआ महंगाई भत्ता (DA) शून्य (0) हो जाता है और नए मूल वेतन के आधार पर इसकी गणना दोबारा शुरू होती है. इसलिए कर्मचारियों को अपनी कुल इन-हैंड सैलरी का अनुमान लगाते समय केवल बेसिक पे के फिटमेंट फैक्टर के अलावा भत्तों के समायोजन को भी ध्यान में रखना होगा.