Indian Railways: तेजस एक्सप्रेस में यात्री के खाने में निकली मक्खी; IRCTC ने कैटरर पर लगाया 1 लाख का जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने का नोटिस

अहमदाबाद-मुंबई तेजस एक्सप्रेस में एक यात्री के वेज बिरयानी कॉम्बो लंच में मक्खी मिलने की शिकायत के बाद आईआरसीटीसी (IRCTC) ने बड़ी कार्रवाई की है. कैटरिंग कंपनी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही उसका लाइसेंस रद्द करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

आईआरसीटीसी (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में खान-पान की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस (Ahmedabad–Mumbai Tejas Express) में सफर कर रहे एक यात्री के भोजन में कथित तौर पर मक्खी मिलने का मामला सामने आया है. इस गंभीर लापरवाही पर तुरंत संज्ञान लेते हुए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) (IRCTC) ने संबंधित कैटरिंग कंपनी पर 1 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है. इसके साथ ही संस्था ने सख्त रुख अपनाते हुए कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि उनका कैटरिंग लाइसेंस क्यों न रद्द कर दिया जाए. यह भी पढ़ें: UTS App Shutdown: आपके मौजूदा सीजन पास और R-वॉलेट बैलेंस का क्या होगा? जानें यूटीएस से RailOne ऐप पर स्विच करने का पूरा तरीका

वेज बिरयानी कॉम्बो में मिली मक्खी

यह घटना मंगलवार को उस समय हुई जब ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने दोपहर के भोजन के लिए कॉम्बो लंच ऑर्डर किया था. यात्री का आरोप है कि उसे परोसी गई वेजिटेरियन बिरयानी के अंदर एक मरी हुई मक्खी तैर रही थी. यात्री ने न केवल भोजन में कीड़ा होने की शिकायत की, बल्कि ट्रेन में परोसे जा रहे भोजन की सामान्य गुणवत्ता (Food Quality) पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की.

शिकायत मिलते ही ट्रेन के कैप्टन और ऑनबोर्ड कैटरिंग मैनेजर तुरंत हरकत में आए. रेलवे स्टाफ ने यात्री से इस असुविधा के लिए माफी मांगी और उन्हें विकल्प के तौर पर दूसरा भोजन देने की पेशकश की, लेकिन यात्री ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया.

सूरत के बेस किचन से सप्लाई हुआ था खाना

आईआरसीटीसी (IRCTC) के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, तेजस एक्सप्रेस में इस भोजन की आपूर्ति 'अराव हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड' (Araha Hospitality Pvt Ltd) द्वारा की गई थी. इस कंपनी का एक लाइसेंस प्राप्त बेस किचन गुजरात के सूरत में स्थित है, जहां से इस भोजन को तैयार कर ट्रेन में लोड किया गया था.

इस घटना के बाद आईआरसीटीसी ने पाया कि भोजन तैयार करने और उसकी पैकेजिंग के स्तर पर कैटरर की ओर से बड़ी चूक हुई है. इसके चलते अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तत्काल 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया गया.

बेस किचन की जांच और कैटरर को सख्त चेतावनी

आईआरसीटीसी ने बताया कि इस घटना से कुछ दिन पहले ही, यानी 15 जून को इस बेस किचन का नियमित निरीक्षण किया गया था और 18 जून को वहां शेड्यूल्ड डीप क्लीनिंग (गहरी सफाई) भी कराई गई थी. इसके बावजूद ऐसी लापरवाही सामने आना प्रबंधन की विफलता को दर्शाता है.

रेलवे ने लाइसेंसधारी कंपनी को अपने कामकाज में तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. कैटरिंग फर्म को हिदायत दी गई है कि वह केवल ताजा कच्चे माल (Raw Materials) की खरीद करे, भोजन की सामग्रियों की गुणवत्ता की सघन जांच करे और दूषित होने से बचाने के लिए स्टोरेज कंटेनरों का नियमित निरीक्षण करे.

फूड सेफ्टी मानकों को मजबूत करने पर जोर

आईआरसीटीसी ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सेहत और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कैटरिंग कंपनी को भोजन तैयार करने, उसे रखने और पैकेजिंग करने के हर चरण में स्वच्छता के उच्चतम मानकों (Hygiene Standards) का पालन करने का आदेश दिया गया है. कॉरपोरेशन ने जोर देकर कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने और यात्रियों को सुरक्षित व स्वच्छ भोजन सुनिश्चित कराने के लिए खाद्य सुरक्षा मानदंडों (Food Safety Norms) का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है.

 

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