भारत के 4 बड़े बैंक हो सकते हैं मर्ज! ऐसा हुआ तो आपके खाते पर क्या होगा असर
सरकार 4 बड़े पब्लिक सेक्टर बैंकों को बड़े बैंकों में मर्ज करने की योजना बना रही है, जिससे बैंकिंग सेवाएं तेज़, सुरक्षित और प्रभावी होंगी.
भारत के बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव होने वाला है. सरकार ने योजना बनाई है, कि देश के पब्लिक सेक्टर बैंक (PSBs) को मर्ज करके बड़े और मजबूत बैंक बनाया जाए. इसका मतलब है कि छोटे और मध्यम आकार के सरकारी बैंक को बड़े बैंकों में शामिल किया जाएगा, ताकि बैंकिंग सेवाएं और अधिक तेज़, सुरक्षित और प्रभावी हो सकें. इस कदम से न केवल बैंक की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी.
कौन-कौन से बैंक होंगे मर्ज?
सरकार ने प्रस्ताव तैयार किया है, कि चार बड़े बैंक को और भी बड़े बैंकों में मर्ज किया जाएगा. इस सूची में इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India), बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India), और बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) जैसे नाम शामिल हैं. इन बैंकों को बड़े बैंकों में शामिल किया जा सकता है, जैसे पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank), बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda), और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India). इस मर्जर के बाद, इन चार बैंकों के सभी खाताधारकों के खाते संबंधित बड़े बैंक में ट्रान्सफर कर दिए जाएंगे.
मर्जर प्रस्ताव पर कैसे होगी चर्चा?
सबसे पहले यह मर्जर प्रस्ताव वरिष्ठ कैबिनेट अधिकारियों के सामने रखा जाएगा. इसके बाद इसे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा समीक्षा के लिए भेजा जाएगा. इस प्रक्रिया में संबंधित बैंकों की राय और सुझाव भी लिए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य है, कि किसी भी आधिकारिक घोषणा से पहले आंतरिक सहमति (Internal Consensus) बनाई जाए. माना जा रहा है, कि इस विषय पर वित्त वर्ष 2027 तक चर्चाएं जारी रह सकती हैं और साल के अंत तक इस मर्जर के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जा सकता है.
पहले का अनुभव
यह पहली बार नहीं है, जब सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंकों का मर्जर किया हो. साल 2017 और 2020 के बीच, सरकार ने 10 पब्लिक सेक्टर बैंकों को 4 बड़े बैंकों में मर्ज किया था. इसके चलते 27 सरकारी बैंकों की संख्या घटकर केवल 12 रह गई थी. उदाहरण के लिए, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (Oriental Bank of Commerce) और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (United Bank of India) का मर्ज पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) में हुआ था. वहीं, सिंडिकेट बैंक (Syndicate Bank) का मर्ज केनरा बैंक (Canara Bank) में किया गया था.
खाताधारकों के लिए असर
मर्जर के बाद खाताधारकों के सभी खाते संबंधित बड़े बैंक में ट्रान्सफर कर दिए जाएंगे. खाताधारकों को आमतौर पर उनके खातों के अपडेट, चेकबुक, डेबिट कार्ड या नेटबैंकिंग में होने वाले बदलाव की जानकारी बैंक द्वारा पहले से दी जाएगी. मौजूदा बैंक सुविधाएं और सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी.
सरकार का यह कदम पब्लिक सेक्टर बैंकों को मजबूत बनाने, बैंकिंग सेवाओं में सुधार लाने और बैंकिंग सिस्टम को और अधिक तेज़ और प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है. इसलिए खाताधारकों को फिलहाल किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सभी परिवर्तन सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध तरीके से किए जाएंगे.