India-China Violent Face-Off in Ladakh: 4 अन्य भारतीय जवानों की हालत नाजुक, सीमा पर हिंसक झड़प में अब तक 20 भारतीय जवान शहीद

पूर्वी लद्दाख में सोमवार रात को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी( PLA) और भारतीय सेना के बीच गलवान घाटी (Galwan Valley) में हुई हिंसक झड़प (India-China Violent Face-Off) में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए. जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. वहीं LAC पर दोनों तरफ की सेना अलर्ट पर हैं. इस बीच न्यूज एजेंसी एएनआई ने खबर दी है कि चीनी सैनिकों के साथ सोमवार शाम हुई हिंसक झड़प के बाद चार भारतीय सैनिकों की हालत गंभीर है, उनका इलाज किया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक कहा जा रहा है कि शहीदों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि कई जवान बुरी तरह घायल हैं. वहीं इस झड़प में चीनी को भी भारी नुकसान हुआ है.

भारत-चीन सीमा (Photo Credits: Twitter/File)

पूर्वी लद्दाख में सोमवार रात को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी( PLA) और भारतीय सेना के बीच गलवान घाटी (Galwan Valley) में हुई हिंसक झड़प (India-China Violent Face-Off) में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए. जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. वहीं LAC पर दोनों तरफ की सेना अलर्ट पर हैं. इस बीच न्यूज एजेंसी एएनआई ने खबर दी है कि चीनी सैनिकों के साथ सोमवार शाम हुई हिंसक झड़प के बाद चार भारतीय सैनिकों की हालत गंभीर है, उनका इलाज किया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक कहा जा रहा है कि शहीदों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि कई जवान बुरी तरह घायल हैं. वहीं इस झड़प में चीनी को भी भारी नुकसान हुआ है.

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना से झड़प के बाद चीन के तकरीबन 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए हैं या फिर घायल हो गए हैं. बता दें कि चीनी सेना ने सोमवार को झड़प की जगह पर भारतीय सेना की छोटी टुकड़ी पर हमला किया था. चीनी सेना जब हमला किया तो भारतीय सेना उस समय गश्त पर थे. इस झड़प में कमांडिंग आफिसर के साथ ही कई जवान शहीद हो गए और कई गंभीर रूप से घायल हो गए.

ANI का ट्वीट:- 

वहीं इस घटना के बाद गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री आवास पर पीएम मोदी से मुलाकत की थी. चीन के हमले में भारतीय सैनिकों के शहीद होने को लेकर देश में बने माहौल और आगे की रणनीति और चर्चा हुई. वहीं पूरे मामले में विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पूर्व में शीर्ष स्तर पर जो सहमति बनी थी, अगर चीनी पक्ष ने गंभीरता से उसका पालन किया होता तो दोनों पक्षों की ओर जो हताहत हुए हैं उनसे बचा जा सकता था.

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