PM Modi Action On Pakistan: भारत ने पाकिस्तान से सभी आयात पर लगाया प्रतिबंध, मोदी सरकार की इस्लामाबाद के खिलाफ एक और स्ट्राइक
भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पड़ोसी देश के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान से सभी प्रकार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है. वाणिज्य मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, "पाकिस्तान में उत्पन्न या वहां से निर्यातित सभी वस्तुओं का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन, चाहे वे स्वतंत्र रूप से आयात योग्य हों या अन्यथा अनुमत हों, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा.
नई दिल्ली, 3 मई : भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पड़ोसी देश के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान से सभी प्रकार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है. वाणिज्य मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, "पाकिस्तान में उत्पन्न या वहां से निर्यातित सभी वस्तुओं का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन, चाहे वे स्वतंत्र रूप से आयात योग्य हों या अन्यथा अनुमत हों, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा."
अधिसूचना में कहा गया, "यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है. इस प्रतिबंध में किसी भी अपवाद के लिए भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होगी." 2 मई की अधिसूचना में कहा गया कि इस संबंध में विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023 में एक प्रावधान जोड़ा गया है, ताकि 'पाकिस्तान में उत्पन्न या वहां से निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन पर रोक लगाई जा सके.' यह भी पढ़ें : नेताओं से जुड़े ईडी के 98 प्रतिशत मामले विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज किए गए: तृणमूल नेता साकेत गोखले
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2024 और फरवरी 2025 के बीच भारत का पाकिस्तान को निर्यात [साल-दर-साल] 56.91 प्रतिशत घटकर 491 मिलियन डॉलर रह गया. जबकि कोई आयात नहीं हुआ. वित्त वर्ष 2025 में पाकिस्तान को किए गए शीर्ष निर्यात में ड्रग फॉर्मूलेशन, चीनी, थोक दवाएं, अवशिष्ट रसायन और ऑटो घटक शामिल थे. पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र व्यापार मार्ग अटारी-वाघा सीमा को पहले ही बंद कर दिया गया था.
इस बीच मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष सहित बहुपक्षीय एजेंसियों से पाकिस्तान को दिए गए धन और ऋण पर फिर से विचार करने के लिए कहेगा. साथ ही वैश्विक धन शोधन निरोधक एजेंसी, वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) से इस्लामाबाद को 'ग्रे' सूची में डालने की अपील की जाएगी. एक सरकारी सूत्र ने कहा कि भारत, दिवालियापन से बचने में मदद के लिए हाल के महीनों में आईएमएफ की ओर से पाकिस्तान को दी गई सुविधाओं की समीक्षा की मांग करेगा. वह परियोजनाओं को फंड देने वाली विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक जैसी अन्य एजेंसियों के साथ भी संपर्क में है.
पाकिस्तान गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है. वह पूरी तरह से विदेशी कर्ज पर निर्भर है. अगर पाकिस्तान को मिलने वाली विदेशी आर्थिक मदद को रोक दिया जाए या मुश्किल बना दिया जाए तो उसके लिए अपने वजूद को बचाना ही सबसे बड़ा सवाल बन जाएगा. बता दें आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल - पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लोगों (ज्यादातर पर्यटक) पर गोलियां चला दी थीं. हमले में 26 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. प्रतिबंधित आतंकवादी समूह 'लश्कर-ए-तैयबा' से जुड़े 'टीआरएफ' ने इस हमले की जिम्मेदारी ली.
पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं. इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, शामिल हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 03, 2025 01:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

