India AI Impact Summit 2026: पीएम मोदी ने स्टार्टअप्स को दिया 'मातृभाषा' का मंत्र, एथिकल टेक्नोलॉजी और स्वदेशी समाधानों पर दिया जोर

नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई स्टार्टअप्स के सीईओ के साथ एक महत्वपूर्ण गोलमेज बैठक की. पीएम ने मातृभाषा में उच्च शिक्षा के लिए एआई टूल्स विकसित करने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप एथिकल समाधान खोजने का आह्वान किया.

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में पीएम नरेंद्र मोदी (Photo Credits: X/@narendramodi)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 को 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' (India AI Impact Summit) के इतर एआई (AI) और डीप-टेक स्टार्टअप्स (Deep-Tech Startups) के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) के साथ एक विशेष गोलमेज बैठक की. इस बैठक में पीएम मोदी (PM Modi) ने स्टार्टअप्स (Startups) से भारतीय भाषाओं (Indian Language) और संस्कृति को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि हमें मातृभाषा में उच्च शिक्षा के लिए एआई टूल्स का विस्तार करना चाहिए. उन्होंने एथिकल (नैतिक) टेक्नोलॉजी के विकास और डेटा गवर्नेंस को भारत की प्राथमिकता बताया. यह भी पढ़ें: ‘Bad Experience’: दिल्ली के ट्रैफिक में 4 घंटे फंसी रहीं दिग्गज AI रिसर्चर सारा हुकर, पीएम मोदी के साथ डिनर में नहीं हो पाईं शामिल

स्टार्टअप्स ने की भारतीय इकोसिस्टम की सराहना

बैठक में शामिल स्टार्टअप्स के संस्थापकों ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की प्रगति के लिए उपलब्ध 'सहायक और गतिशील वातावरण' की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि एआई इनोवेशन और तैनाती का वैश्विक केंद्र अब तेजी से भारत की ओर स्थानांतरित हो रहा है. स्टार्टअप्स ने 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' को वैश्विक एआई चर्चाओं में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतिबिंब बताया.

कृषि से लेकर स्वास्थ्य तक: एआई का बढ़ता प्रभाव

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार, बैठक में शामिल स्टार्टअप्स स्वास्थ्य सेवा, कृषि, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे विविध क्षेत्रों में जनसंख्या-स्तरीय चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं.

पीएम मोदी का विजन: 'स्वदेशी समाधान और एथिकल एआई'

प्रधानमंत्री ने यूपीआई (UPI) को स्केलेबल डिजिटल इनोवेशन का मॉडल बताते हुए भारतीय कंपनियों पर भरोसा जताया और घरेलू उत्पादों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने भविष्य के एआई टूल्स के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए:

  1. मातृभाषा में शिक्षा: उच्च शिक्षा के जटिल विषयों को सरल बनाने के लिए स्थानीय भाषाओं में एआई समाधान तैयार करना.
  2. डेटा गवर्नेंस: गलत सूचनाओं (Misinformation) से बचने के लिए मजबूत डेटा सुरक्षा और नैतिक एआई का निर्माण.
  3. स्थानीय जरूरतें: समाधान केवल वैश्विक ही नहीं, बल्कि भारत की जमीनी जरूरतों के अनुरूप होने चाहिए. यह भी पढ़ें: India AI Impact Summit 2026: पीएम मोदी के साथ नजर आए सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन, दिल्ली में जुटे दुनिया के दिग्गज टेक लीडर्स (Watch Videos)

भविष्य की ओर कदम

प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी के विस्तार और भारतीय स्टार्टअप्स में निवेशकों की बढ़ती रुचि पर भी चर्चा की. उन्होंने नवाचार करने वालों को साहसिक जोखिम लेने और ऐसे समाधान बनाने के लिए बधाई दी, जिनका समाज पर व्यापक प्रभाव पड़े. समिट के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि भारत 'सॉवरेन एआई' (Sovereign AI) के क्षेत्र में एक वैश्विक लीडर के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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