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Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से PM मोदी का संबोधन, यहां सुनें और पढ़ें प्रधानमंत्री के खास संदेश की प्रमुख बातें

प्राचीन भारत की 'सप्त सिंधु' का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए देश को एक नई ऊर्जा की आवश्यकता है. उन्होंने राष्ट्र के विकास के लिए सात प्रमुख स्तंभों (सप्त धारा) को रेखांकित किया:

Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से PM मोदी का संबोधन, यहां सुनें और पढ़ें प्रधानमंत्री के खास संदेश की प्रमुख बातें
PM Modi

Independence Day 2026: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया. अपने इस विशेष संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश को 'विकसित भारत @2047' के लक्ष्य तक ले जाने के लिए 'शक्ति की सप्त धारा' (Sapta Dhara) के एक नए रोडमैप का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जो काम पिछले 5-7 दशकों में नहीं हो सके, उन्हें देश की युवा शक्ति और नए कार्यबल के सामर्थ्य से आगामी 5-7 वर्षों में पूरा किया जाएगा.

क्या है राष्ट्र निर्माण की 'सप्त धारा'?

प्राचीन भारत की 'सप्त सिंधु' का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए देश को एक नई ऊर्जा की आवश्यकता है. उन्होंने राष्ट्र के विकास के लिए सात प्रमुख स्तंभों (सप्त धारा) को रेखांकित किया:

यहां देखें

  1. मैन्युफैक्चरिंग पावर: वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना.

  2. कृषि और खाद्य उत्पादन: खाद्य सुरक्षा और कृषि तकनीकों को आधुनिक बनाना.

  3. प्रौद्योगिकी और नवाचार: रिसर्च और आईटी में देश के युवाओं को आगे बढ़ाना.

  4. गति शक्ति: बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और कनेक्टिविटी को तेज गति देना.

  5. रक्षा बल: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण को बल देना.

  6. ग्रीन इकॉनमी और ब्लू इकॉनमी: पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा और समुद्री संसाधनों का अधिकतम उपयोग.

  7. भारत की सॉफ्ट पावर: वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति, विचार और कूटनीति का विस्तार.

वर्क कल्चर और सोच बदलने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की नींव पिछले 12 वर्षों में तैयार की गई है. अब छोटे लक्ष्यों से काम नहीं चलेगा और देश को बड़े सपने देखने होंगे.

उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि इस लक्ष्य को पाने के लिए हमें अपना वर्क कल्चर (कार्यशैली), काम की गति और पारंपरिक सोच को बदलना होगा. प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि देश के युवा, किसान, मजदूर और नारी शक्ति मिलकर इस संकल्प को सिद्ध करेंगे.

संसाधनों के 'वेपनाइजेशन' और आत्मनिर्भरता पर जोर

वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल, खाद, दवाओं और भूभाग को 'वेपनाइज्ड' करने (हथियार की तरह इस्तेमाल करने) का खेल खेला जा रहा है.

उन्होंने कहा कि जब भारत ने आत्मनिर्भरता की बात की थी, तब आलोचकों ने वैश्वीकरण का हवाला दिया था. लेकिन पिछले एक दशक में भारत द्वारा उठाये गए दूरदर्शी कदमों की बदौलत ही देश आज वैश्विक संकटों के बीच मजबूती से खड़ा है और नागरिकों को जरूरी संसाधनों की कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है.

ऊर्जा सुरक्षा और 700 शहरों तक पाइप लाइन का सफर

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश की ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की प्रगति का उदाहरण दिया. उन्होंने बताया कि साल 2014 से पहले देश के केवल 70 शहरों में पाइप से गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध थी और करीब 20-22 लाख घरों में कनेक्शन थे.

पिछले 12 वर्षों में इस रफ्तार को बढ़ाकर 700 शहरों तक पहुंचाया गया है और आज 1.75 करोड़ से अधिक घरों में पाइप से गैस की आपूर्ति हो रही है. प्रधानमंत्री ने इसे देश की नई कार्य गति का प्रतीक बताया.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 15, 2026 09:08 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).