Independence Day 2026: देश के लिए बड़ी उपलब्धि, डाक विभाग ने पहली बार ड्रोन से हिमाचल प्रदेश में पहुंचाया राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा'
80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय डाक विभाग ने देश सेवा और आधुनिक तकनीक का एक अनूठा उदाहरण पेश किया. डाक विभाग ने इतिहास में पहली बार ड्रोन के जरिए राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' की सफलतापूर्वक डिलीवरी की
- Read in
- English
Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय डाक विभाग ने देश सेवा और आधुनिक तकनीक का एक अनूठा उदाहरण पेश किया. डाक विभाग ने इतिहास में पहली बार ड्रोन के जरिए राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' की सफलतापूर्वक डिलीवरी की. यह विशेष डिलीवरी हिमाचल प्रदेश के मंडी मुख्य डाकघर से दुर्गम पहाड़ी इलाके में स्थित रेहड़धार शाखा डाकघर तक की गई.
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वर्चुअली इस ड्रोन डिलीवरी का उद्घाटन किया और मंडी डाकघर से लाइव टेक-ऑफ का अवलोकन किया. यह भी पढ़े: Independence Day 2026: भारत आज मना रहा है आज़ादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस, यहां देखें PM मोदी का लाल किले से संबोधन LIVE
सेना के पूर्व सैनिक को सौंपा गया तिरंगा
ड्रोन अपनी सफल उड़ान भरकर जब रेहड़धार शाखा डाकघर पहुंचा, तो वहां मौजूद डाक कर्मचारियों की टीम ने तिरंगे के पार्सल को प्राप्त किया. इसके बाद इसे औपचारिक रूप से क्षेत्र के सेना के एक सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक (ऑनररी सूबेदार मेजर करतार सिंह) को सौंपा गया.
देश के लिए बड़ी उपलब्धि
On the eve of Independence Day 2026, India Post delivered the Tricolour by drone for the first time, from Mandi Head Post Office to Rehdhar Branch Post Office in Himachal Pradesh. Retired Honorary Subedar Major Kartar Singh received it. Union Minister Jyotiraditya Scindia… pic.twitter.com/fwUbYAfmCO
— IANS (@ians_india) August 14, 2026
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हिमाचल के आसमान में तिरंगे की यह यात्रा एक नए भारत की भावना को दर्शाती है, जो भौगोलिक बाधाओं को पार कर हर नागरिक तक पहुंचने के लिए संकल्पबद्ध है.
'हर घर तिरंगा' अभियान को तकनीक का सहारा
डाक विभाग देश भर में 'हर घर तिरंगा' अभियान को गति देने के लिए नागरिकों तक राष्ट्रीय ध्वज की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहा है.
मंडी से रेहड़धार के बीच किया गया यह सफल प्रयोग यह दर्शाता है कि कैसे उभरती हुई ड्रोन तकनीक डाक विभाग के विशाल नेटवर्क को मजबूत कर सकती है. विशेष रूप से पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में, जहां पारंपरिक सड़क मार्ग से डाक पहुंचने में घंटों लगते हैं, वहां ड्रोन से मात्र कुछ ही मिनटों में पार्सल पहुंचाया जा सकता है.
हिमाचल और असम में 150 ड्रोन रूट बनाने की योजना
'डाक सेवा, जन सेवा' के विजन को आगे बढ़ाते हुए डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश और असम के कठिन भौगोलिक इलाकों के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है.
विभाग की योजना के अनुसार, आने वाले समय में दोनों राज्यों के 150 चिन्हित हवाई मार्गों (Routes) पर ड्रोन आधारित डाक और पार्सल सेवा शुरू की जाएगी. इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं, दवाओं और पत्रों की डिलीवरी तेज और सुगम हो सकेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 15, 2026 10:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

