सट्टेबाजी केस में कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र गिरफ्तार, ED की छापेमारी में 12 करोड़ कैश और जेवरात बरामद
कर्नाटक कांग्रेस के विधायक केसी वीरेंद्र (KC Veerendra) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध सट्टेबाजी (Illegal Betting case) और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले में गिरफ्तार कर लिया है.
Satta Matka: कर्नाटक कांग्रेस के विधायक केसी वीरेंद्र (KC Veerendra) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध सट्टेबाजी (Illegal Betting case) और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले में गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी सिक्किम की राजधानी गंगटोक से हुई, जहां वीरेंद्र कथित तौर पर एक कैसीनो के लिए जमीन लीज पर लेने पहुंचे थे. ईडी ने हाल ही में वीरेंद्र और उनके सहयोगियों के 30 ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान एजेंसी को करीब 12 करोड़ रुपये नकद, जिसमें लगभग 1 करोड़ रुपये विदेशी मुद्रा शामिल है, 6 करोड़ रुपये मूल्य का सोना, करीब 10 किलो चांदी और चार लग्जरी गाड़ियां बरामद हुईं. इसके अलावा 17 बैंक अकाउंट्स और दो लॉकर भी फ्रीज किए गए हैं.
ED (Enforcement Directorate) की छापेमारी में विधायक के भाई केसी नागराज और बेटे पृथ्वी एन राज से जुड़े कई संपत्ति दस्तावेज भी मिले हैं. वहीं, उनके भाई केसी तिप्पेस्वामी और बेटे पृथ्वी एन राज पर दुबई से ऑनलाइन गेमिंग ऑपरेशन संभालने का आरोप है. ईडी को तलाशी के दौरान ऐसे दस्तावेज़ भी मिले हैं जो पैसों की जटिल हेराफेरी को दर्शाते हैं.
करोड़ों की नकदी और सोना जब्त
गोवा के कैसिनो में भी ईडी की रेड
मनी लॉन्ड्रिंग मामले की कड़ी में ईडी ने गोवा के पांच बड़े कैसिनो पर भी छापेमारी की. इनमें Puppy’s Casino Gold, Ocean Rivers Casino, Puppy’s Casino Pride, Ocean 7 Casino और Big Daddy Casino शामिल हैं. ये सभी कथित तौर पर कांग्रेस विधायक से जुड़े बताए जा रहे हैं.
ऑनलाइन बेटिंग साइट्स और दुबई कनेक्शन
जांच में सामने आया है कि केसी वीरेंद्र कई ऑनलाइन बेटिंग साइट्स (Satta Matka) चला रहे थे, जिनके नाम हैं. King567, Raja567, Puppy’s003 और Rathna Gaming. इसके अलावा उनके भाई केसी तिप्पेस्वामी दुबई से Diamond Softech, TRS Technologies और Prime9 Technologies नाम की कंपनियां चला रहे हैं. ये कंपनियां कॉल सेंटर और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी बताई जा रही हैं.
अदालत में पेशी और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद केसी वीरेंद्र को गंगटोक की एक अदालत में पेश किया गया, जहां उनसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अर्जित संपत्ति और अवैध कमाई के स्रोतों की पहचान की जा रही है. ईडी का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी रहेगी और अवैध सट्टेबाजी से जुड़ी कई और परतें खुल सकती हैं.