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सीमा सुरक्षा पर बड़ी बैठक: गृह मंत्री अमित शाह आज सीमावर्ती जिलों के एसपी के साथ करेंगे उच्च स्तरीय समीक्षा; घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव पर होगी चर्चा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) के साथ एक महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक में सीमा पार से घुसपैठ, अवैध प्रवासन, जनसांख्यिकीय परिवर्तन, ड्रोन के खतरों और ड्रग्स तस्करी जैसे संवेदनशील सुरक्षा मुद्दों पर गहन मंथन होगा.

सीमा सुरक्षा पर बड़ी बैठक: गृह मंत्री अमित शाह आज सीमावर्ती जिलों के एसपी के साथ करेंगे उच्च स्तरीय समीक्षा; घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव पर होगी चर्चा
अमित शाह (Photo Credits: IANS)

नई दिल्ली: देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) आज, गुरुवार को नई दिल्ली में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता करने जा रहे हैं. इस सम्मेलन में देश के सभी सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षक (SPs) भाग लेंगे. बैठक का मुख्य एजेंडा अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर होने वाली घुसपैठ, अवैध प्रवासन (इलीगल इमिग्रेशन), सीमावर्ती क्षेत्रों में आ रहे जनसांख्यिकीय बदलाव (डेमोग्राफिक चेंजेस), ड्रोन के बढ़ते खतरों और सीमा पार से होने वाली हथियारों व नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकना है. केंद्र सरकार द्वारा अवैध प्रवासन के खिलाफ चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के बीच इस बैठक को बेहद संवेदनशील और रणनीतिक माना जा रहा है. यह भी पढ़ें: अमित शाह ने लॉन्च किया FCRA 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई सिस्टम, डिजिटल होंगे नागरिक सेवा और विदेशी फंडिंग के नियम

कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एसपी होंगे शामिल

इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुख व जिला एसपी शामिल हो रहे हैं. इनमें जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) के सभी राज्यों के अधिकारी शामिल हैं.

बैठक के दौरान ये अधिकारी अपने-अपने जिलों की जमीनी हकीकत, उभरती हुई सुरक्षा चुनौतियों और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने के लिए तैयार किए गए ब्लूप्रिंट की विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्री के सामने पेश करेंगे.

जनसांख्यिकीय बदलाव की जांच के लिए बनी कमेटी

यह सम्मेलन केंद्र सरकार द्वारा कुछ महीने पहले गठित की गई उस उच्च स्तरीय समिति की पृष्ठभूमि में हो रहा है, जिसे देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर सीमावर्ती इलाकों में हो रहे असामान्य जनसांख्यिकीय परिवर्तनों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है.

यह समिति सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध प्रवासन, असामान्य बसावट पैटर्न, संगठित प्रवास और धार्मिक व सामाजिक समुदायों के बीच आबादी के संरचनात्मक बदलावों का गहराई से अध्ययन कर रही है. गृह मंत्री पिछले कुछ महीनों में खुद कई सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं और जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में कड़े निर्देश दे चुके हैं.

अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने और फर्जी दस्तावेजों पर रोक के निर्देश

सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने जिला प्रशासनों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अवैध प्रवासन के पैटर्न पर पैनी नजर रखें. इसके साथ ही, सीमावर्ती जिलों में बने उन सभी अवैध ढांचों और निर्माणों को चिन्हित कर ध्वस्त करने को कहा गया है, जिनका उपयोग कथित तौर पर कट्टरपंथ फैलाने या अवैध प्रवासियों को अस्थायी शरण देने के लिए किया जाता है.

प्रशासन उन संगठित दलालों के नेटवर्क पर भी शिकंजा कस रहा है जो इन प्रवासियों को भारत में प्रवेश कराने के बाद उनके फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज तैयार करवाते हैं.

पाकिस्तान से ड्रोन खतरा और बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग एजेंडा

अवैध प्रवासन के अलावा, इस बैठक में पाकिस्तान की ओर से आने वाले ड्रोन के खतरे पर भी विशेष रणनीति बनाई जाएगी. पिछले कुछ समय में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों और मादक पदार्थों (नारकोटिक्स) की तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है.

इसके साथ ही, भारत-बांग्लादेश सीमा पर, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के संवेदनशील और नदी वाले क्षेत्रों (वल्नरेबल स्ट्रेचेस) में चल रहे कटीले तारों की बाड़ (फेंसिंग) लगाने के काम की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी. सरकार का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक देश की रक्षा की पहली पंक्ति (फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस) हैं, इसलिए सुरक्षा के साथ-साथ इन जिलों के विकास और लोक कल्याण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 09, 2026 08:45 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).