नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर एमपी, गुजरात, राजस्थान तक झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है. राजस्थान जलती हुई भट्टी बन चुका है. खासकर बाड़मेर, जहां मंगलवार को 46.4 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया. यह मानो गर्मी का नहीं, धरती पर भट्ठी का अनुभव करा रहा है. राज्य के अन्य जिलों जैसे जैसलमेर, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, कोटा और चुरू में भी तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया. बाकी हिस्सों में भी यह 42 से 44 डिग्री के बीच रहा, जो कि सामान्य से 3 से 8 डिग्री ज्यादा है.
राजधानी दिल्ली भी इस गर्मी में ताप रही है. अप्रैल के महीने में ही दिल्ली-एनसीआर में प्रचंड गर्मी पड़ रही है, जिससे लोग काफी परेशान हो रहे हैं. आज यानि 8 अप्रैल (मंगलवार) सीजन की अब तक सबसे गर्म दिन रहा. सफदरजंग में अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.
राष्ट्रीय राजधानी में तापमान बढ़ने के कारण भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति के बीच दिल्ली सरकार ने मंगलवार को लोगों को सुरक्षित रहने, लू और गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी. दिल्ली स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक परामर्श में चेतावनी दी गई है कि अत्यधिक गर्मी या लू लगने से खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बाहर काम करने वालों और पहले से ही बीमार लोगों जैसे कमजोर लोगों में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं.
पूरे राजस्थान में लू का कहर
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा. अगले 3 से 4 दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा और तापमान में 2 डिग्री तक की और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है. 9 अप्रैल तक बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और जयपुर संभाग सबसे अधिक प्रभावित रहेंगे. इन क्षेत्रों में लू के थपेड़े लोगों को बुरी तरह परेशान कर सकते हैं.
राहत की उम्मीद
गर्मी से जूझ रहे राजस्थानवासियों के लिए थोड़ी राहत की खबर भी है. मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 10 और 11 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. इसके प्रभाव से राज्य के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में तेज हवा, आंधी और हल्की बारिश की संभावना है. इसकी वजह से तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है, जिससे लू की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है.
क्या करें, क्या न करें: गर्मी से बचने के उपाय
- धूप में निकलने से पहले सिर को ढंकें.
- खूब पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें.
- बाहर जाते वक्त छाता, गॉगल्स और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें.
- दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें.
- बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत.
देशभर में भीषण गर्मी की चुनौती जारी है. अप्रैल के रिकॉर्डतोड़ तापमान ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिन आसान नहीं होंगे. ध्यान रखें की ऐसे मौसम में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.













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