Syed Mohammad Nizami Dies: नहीं रहें हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह के सज्जादा नशीन सैयद मोहम्मद निजामी, गीजर फटने से मौत; VIDEO
दिल्ली की प्रसिद्ध हजरत निजामुद्दीन दरगाह के सज्जादा नशीन सैयद मोहम्मद निजामी का एक दर्दनाक हादसे में निधन हो गया है. यह हादसा उनके आवास पर गीजर फटने के कारण हुआ, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर है.
Syed Mohammad Nizami Dies: राजधानी दिल्ली की विश्व प्रसिद्ध सूफी दरगाह हजरत ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया के सज्जादा नशीन सैयद मोहम्मद निजामी (50) का शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे में निधन हो गया. मिली जानकारी के अनुसार, निजामुद्दीन बस्ती स्थित उनके आवास पर बाथरूम का गीजर फटने से यह भीषण दुर्घटना हुई. इस हादसे में उनकी पत्नी भी घायल हुई हैं, जिन्हें उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटना के बाद से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) और अन्य माध्यमों पर हादसे से जुड़े वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. वीडियो में घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी और रेस्क्यू ऑपरेशन को देखा जा सकता है. अकीदतमंदों और अनुयायियों के बीच यह खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर शोक संवेदनाओं का तांता लग गया है.
नहीं रहें हजरत निजामुद्दीन दरगाह के सज्जादा नशीन
कैसे हुआ हादसा?
यह घटना शनिवार शाम करीब 5:00 बजे की है. पुलिस और दमकल विभाग के अनुसार, सैयद मोहम्मद निजामी नहाने के लिए बाथरूम में गए थे. तभी अचानक वहां लगे इलेक्ट्रिक गीजर में जोरदार ब्लास्ट हुआ. धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरे बाथरूम में आग लग गई और घना धुआं भर गया. दम घुटने और चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
रेस्क्यू और पुलिस की कार्रवाई
घटना के समय घर के अन्य सदस्य भी मौजूद थे. पड़ोसियों ने जब घर से धुआं निकलते देखा, तो तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया. दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया. घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस को उसे तोड़कर अंदर घुसना पड़ा, जिसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
अकीदतमंदों में शोक की लहर
सैयद मोहम्मद निजामी के निधन की खबर मिलते ही निजामुद्दीन इलाके में हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई. रविवार को पोस्टमार्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया. इसके बाद उन्हें नम आंखों से निजामुद्दीन स्थित ख्वाजा हॉल के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया. वह अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं.