Hathras Rape Horror: हाथरस में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात, नशे में धुत बेटे ने बुजुर्ग मां से किया दुष्कर्म; आरोपी गिरफ्तार
सिकंदराराऊ के क्षेत्राधिकारी (CO) अमित पाठक ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़िता को तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया. पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है. मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
Hathras Rape Horror: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां 25 वर्षीय युवक पर अपनी 63 वर्षीय मां के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है. घटना सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में गुरुवार रात हुई. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.
पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी तब सामने आई जब आरोपी के बड़े भाई ने थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में बताया गया कि रात करीब 9 बजे पीड़िता अपने घर में सो रही थीं, तभी आरोपी वहां पहुंचा.
हाथरस में पुलिस ने यौन उत्पीड़न के आरोप में नशे में धुत एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया:
हाथरस में पुलिस ने यौन उत्पीड़न के आरोप में नशे में धुत एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया
संदर्भित प्रकरण में वादी की प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना सिकंदराराऊ पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है. पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है.
नशे की हालत में वारदात को दिया अंजाम
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी शराब के नशे में घर पहुंचा और अपनी मां को काबू में कर उनके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया. घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू की. कुछ ही समय बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
पीड़िता का कराया गया मेडिकल परीक्षण
सिकंदराराऊ के क्षेत्राधिकारी (CO) अमित पाठक ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़िता को तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया. पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है. मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई
यौन अपराध से जुड़े मामलों में पीड़ित की निजता की रक्षा से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस ने पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की है.