Haryana Shocker: कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में दोबारा नियुक्त सेवानिवृत्त डॉक्टर पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, सेवाएं समाप्त; आरोपी फरार
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिला स्थित लोक नायक जय प्रकाश नागरिक अस्पताल में एक बेहद शर्मनाक और गंभीर मामला सामने आया है. अस्पताल के ओपीडी में पेट दर्द की शिकायत लेकर आई एक नाबालिग बच्ची के साथ वहीं तैनात एक वरिष्ठ कंसलटेंट डॉक्टर द्वारा कई बार दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है. घटना के सामने आने के बाद सरकार ने आरोपी की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी हैं, जबकि आरोपी डॉक्टर फिलहाल फरार है.
- Read in
- English
चंडीगढ़/कुरुक्षेत्र, 1 जून: हरियाणा (Haryana) के कुरुक्षेत्र (Kurukshetra) स्थित लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) जिला नागरिक अस्पताल से एक बेहद स्तब्ध करने वाली घटना सामने आई है. यहाँ अस्पताल में इलाज के लिए आई एक नाबालिग लड़की (Minor Girl) के साथ वहीं कार्यरत एक पुनर्नियुक्त सेवानिवृत्त (Re-employed) डॉक्टर द्वारा कथित तौर पर ओपीडी के भीतर कई बार यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म (Sexual Harassment and Rape) किए जाने का मामला दर्ज हुआ है. सोमवार, 1 जून 2026 को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, आरोपी डॉक्टर की पहचान डॉ. शैलेंद्र कुमार शैली के रूप में हुई है, जो इस अस्पताल से प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर (PMO) के पद से सेवानिवृत्त हो चुके थे और वर्तमान में बतौर कंसलटेंट अपनी सेवाएं दे रहे थे. घटना के बाद से ही आरोपी डॉक्टर फरार है. यह भी पढ़ें: Blinkit डिलीवरी बॉय पर यौन उत्पीड़न का आरोप: सेक्सुअल वेलनेस प्रोडक्ट मंगाने पर महिला को किया अवांछित फोन, पूछा आपत्तिजनक सवाल
पेट दर्द के चेक-अप के बहाने ओपीडी में किया यौन उत्पीड़न
पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित नाबालिग लड़की को पेट में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में लाया गया था। पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर शैलेंद्र कुमार शैली ने स्वास्थ्य जांच (Check-up) के बहाने बच्ची को ओपीडी (OPD) के भीतर बने एग्जामिनेशन बेड पर लेटने के लिए कहा. आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर ने बच्ची के साथ डिजिटल और फिर शारीरिक रूप से कई बार यौन अत्याचार किया.
इस जघन्य प्रताड़ना के कारण नाबालिग को अत्यधिक शारीरिक दर्द और ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होने लगी। स्थिति को बिगड़ता देख घबराए डॉक्टर ने बच्ची को आनन-फानन में अस्पताल के ही फीमेल वार्ड में भर्ती करवा दिया और स्वयं अस्पताल परिसर से चुपचाप गायब हो गया. घटना के समय पीड़िता के पिता भी किसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण उसी अस्पताल में उपचाराधीन थे.
इमरजेंसी वार्ड में हुआ मामले का खुलासा; पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज
अस्पताल के इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. उपेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि 29 मई की रात लगभग 8:30 बजे, जब लड़की की हालत अधिक बिगड़ी और अत्यधिक ब्लीडिंग की शिकायत हुई, तो उसे तुरंत आपातकालीन विभाग (Emergency Department) में शिफ्ट किया गया. इसी दौरान गंभीर दर्द से जूझ रही नाबालिग ने डॉक्टरों और काउंसिलर्स के सामने पूरी घटना का खुलासा किया और बताया कि ओपीडी में उसके साथ कई बार यौन उत्पीड़न किया गया है.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 'यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम' के कड़े प्रावधानों के तहत पीड़िता की तुरंत अनिवार्य चिकित्सीय जांच कराई गई, उसकी काउंसलिंग की गई और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए. कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी पुलिस थाने में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और 10 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है.
डॉक्टर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त; पुलिस कर रही तलाश
इस अमानवीय घटना की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने त्वरित और कड़ा रुख अपनाया है. स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) सुमिता मिश्रा ने रविवार को आदेश जारी कर आरोपी कंसलटेंट डॉक्टर शैलेंद्र कुमार शैली की सेवाओं को तत्काल प्रभाव से समाप्त (Terminate) करते हुए उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया है.
कुरुक्षेत्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और फरार डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. अस्पताल प्रबंधन ने भी आंतरिक स्तर पर इस सुरक्षा चूक और प्रशासनिक लापरवाही की समीक्षा शुरू कर दी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 01, 2026 05:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

