Guillain-Barre Syndrome: जीबीएस के लक्षण दिखाई देने पर घबराए नहीं, तुरंत लें डॉक्टर की सलाह; महाराष्ट्र सरकार
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मुंबई, 28 जनवरी : महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को लोगों से अपील की है कि गुलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के लक्षण दिखाई देने पर बिल्कुल ना घबराएं, फौरन डॉक्टर की सलाह लें, ताकि समय रहते उपचार हो सके. ऐसे लक्षण देखे जाने पर उपचार करने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरते. वहीं, सरकार की तरफ से इस बीमारी के लक्षण देखे जाने पर निवारक उपाय का पालन करने की सलाह भी दी गई है.

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को भी कई जगह पर जीबीएस के मरीज देखे गए हैं. इनमें से 7 मरीज पुणे महानगरपालिका से, एक मरीज पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम से और एक मरीज अन्य जिले से हैं. अब तक कुल 110 संदिग्ध जीबीएस मरीज मिले हैं, जिनमें से 8 की मौत हो चुकी है. जिसे देखते हुए लोगों के बीच कई तरह की चिंताएं उभरकर सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार की तरफ से लगातार लोगों से यही अपील की जा रही है कि उन्हें घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. इस तरह के किसी भी प्रकार के लक्षण देखे जाने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें. राज्य में अब तक पुष्ट जीबीएस मामलों की संख्या में 88 मरीज पुणे नगर निगम से, 15 मरीज पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम से और 7 मरीज अन्य जिलों से हैं. इन मरीजों में 73 पुरुष और 37 महिलाएं शामिल हैं. फिलहाल 13 मरीज वेंटिलेटर पर हैं. यह भी पढ़ें : मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान सनातन धर्म के खिलाफ उनकी मानसिकता को दर्शाता है : हिमंत बिस्वा सरमा

जीबीएस के सामान्य लक्षणों की बात करें, तो इसमें हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या लकवा, चलने में परेशानी होना या अचानक कमजोरी महसूस होना, और निरंतर दस्त लगना शामिल हैं. वहीं, सरकार के अलावा स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी लोगों से यही अपील की गई है कि अगर उन्हें इस बीमारी के संबंध में किसी भी प्रकार के लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.