गोवा भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस को दी सेक्स स्कैंडल के आरोपी मंत्री का नाम लेने की चुनौती
गोवा में सत्तारूढ़ भाजपा ने गुरुवार को इस सवाल से किनारा कर लिया कि क्या राज्य में उसकी सरकार को राज्य मंत्रिमंडल में एक मंत्री के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए स्वत: संज्ञान लेकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या नहीं.
पणजी, 3 दिसंबर : गोवा में सत्तारूढ़ भाजपा ने गुरुवार को इस सवाल से किनारा कर लिया कि क्या राज्य में उसकी सरकार को राज्य मंत्रिमंडल में एक मंत्री के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए स्वत: संज्ञान लेकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या नहीं. राज्य कांग्रेस प्रमुख गिरीश चोडनकर द्वारा 30 नवंबर को लगाए गए सेक्स स्कैंडल के आरोप का जवाब देते हुए राज्य भाजपा अध्यक्ष सदानंद शेत तनवड़े ने चुनौती देते हुए कहा, "हिम्मत है तो राज्य कांग्रेस के शीर्ष अधिकारी छह दिसंबर तक मंत्री का नाम लें." राज्य कांग्रेस प्रमुख ने (बिना नाम लिए) आरोप लगाया था कि गोवा के एक कैबिनेट मंत्री एक सेक्स स्कैंडल में शामिल थे और पीड़िता को परेशान कर रहे थे. एक मीडियाकर्मी के इस सवाल पर कि क्या गोवा सरकार यौन अपराध के मामले में अपने ही मंत्री के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर शिकायत दर्ज कराएगी, जैसा कि उसने 2013 में तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल से जुड़े मामले में किया था, तनवड़े ने कहा कि सरकार तभी कार्रवाई कर सकती है, जब विशेष रूप से मंत्री का नाम लिया जाए.
तनवड़े ने कहा, "अगर किसी मंत्री के खिलाफ कोई आरोप है, तो उसका नाम विशेष रूप से लिया जाना चाहिए. उत्पीड़न का सामना करने वाले व्यक्ति को शिकायत दर्ज करानी चाहिए. उसके बाद भी अगर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तब आप मुझसे वही सवाल फिर पूछें." चोडनकर ने 30 नवंबर को एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में एक कैबिनेट मंत्री ने एक महिला का यौन शोषण किया था. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत मामले से जुड़े सबूतों को नष्ट करने के लिए गोवा पुलिस का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह भी पढ़ें : Omicron Scare: ओमिक्रोन वेरिएंट के मद्देनजर नेपाल ने हांगकांग सहित 9 देशों से आवाजाही पर लगाया BAN
तनवड़े ने गुरुवार को चोडनकर पर हवा में गोलियां चलाने का भी आरोप लगाया और मामले में कथित रूप से शामिल मंत्री का नाम लेने की 'हिम्मत' दिखाने की चुनौती दी. तनवड़े ने कहा, "मैं उन्हें (चोडनकर) 6 दिसंबर से पहले नाम घोषित करने की चुनौती देता हूं. उन्हें उस व्यक्ति का नाम लेना चाहिए और पीड़िता को शिकायत दर्ज करानी चाहिए." उन्होंने कहा, "उनके पास व्यक्ति का नाम लेने के लिए सबूत या हिम्मत होनी चाहिए, तभी वह (चोडनकर) बात कर सकते हैं. अगर आप पूछते हैं कि सीएम ने कार्रवाई क्यों नहीं की, तो मैं समय आने पर इसका जवाब दूंगा."
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 03, 2021 08:37 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

