गरीब रथ ट्रेन को जल्द बंद कर सकती है मोदी सरकार, ये है वजह
गौरतलब हो कि मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के मुकाबले गरीब रथ में सफर 40% तक सस्ता है. यही कारण है कि मध्य वर्ग के यात्री भी एसी कोच की सुविधाओं का लाभ आराम से लेते थे. पूरे भारत में देश में कुछ 26 गरीब रथ ट्रेनें हैं और सभी को धीरे-धीरे मेल एक्सप्रेस में बदल दिया जाएगा.
गरीब रथ एक्सप्रेस ( Garibrath Express ) भारतीय रेल की चलाई हुई एक प्रकार की कम किराये वाली वातानुकूलित रेलगाड़ियां हैं. गरीबों को एसी ट्रेन में सफर कराने के लिए साल 2006 में रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने गरीब रथ ट्रेन की शुरुआत की थी. पहली बार गरीब रथ सहरसा-अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस थी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गरीब रथ ट्रेन को मेल या एक्सप्रेस ट्रेन में बदलने की योजना है. अगर ऐसा होता है तो गरीब रथ में सस्ती सवारी का दौर भी खत्म हो जाएगा.
खबरों के मुताबिक पहले जहां गरीब रथ में 12 कोच (AC) होती थीं, वहीं नई ट्रेन अब कोच की संख्या में 16 होगी. जिसमें जनरल, स्लीपर और एसी कोच भी लगाए गए है. गरीब रथ ट्रेन को मेल या एक्सप्रेस ट्रेन में बदलते ही ट्रेन का किराया बढ़ जाएगा. वैसे गरीब रथ ट्रेनों को मेल एक्सप्रेस ट्रेन में बदलने के पीछे एक कारण यह भी है कि अब इस ट्रेन की बोगियों का बनना बंद हो गया है.
गौरतलब हो कि मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के मुकाबले गरीब रथ में सफर 40% तक सस्ता है. यही कारण है कि मध्य वर्ग के यात्री भी एसी कोच की सुविधाओं का लाभ आराम से लेते थे. पूरे भारत में देश में कुछ 26 गरीब रथ ट्रेनें हैं और सभी को धीरे-धीरे मेल एक्सप्रेस में बदल दिया जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 18, 2019 09:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

