HK Dua Dies: नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व PM एचडी देवेगौड़ा के मीडिया सलाहकार एचके दुआ, 88 साल की उम्र में निधन
अनुभवी पत्रकार, राज्यसभा के पूर्व सदस्य और पूर्व प्रधानमंत्रियों के मीडिया सलाहकार रहे एच.के. दुआ का निधन हो गया है. उनका अंतिम संस्कार कल दिल्ली के लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा.
HK Dua Dies: देश के प्रतिष्ठित पत्रकार, पूर्व राज्यसभा सांसद और पद्म भूषण से सम्मानित एच.के. दुआ (हरिकृष्ण दुआ) का बुधवार दोपहर निधन हो गया. वह पत्रकारिता और कूटनीति की दुनिया का एक बड़ा नाम थे. उन्होंने अपने लंबे करियर में न केवल प्रमुख समाचार पत्रों का संपादन किया, बल्कि देश के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों के मीडिया सलाहकार और राजदूत के रूप में भी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं.
दिल्ली में कल होगा अंतिम संस्कार
एच.के. दुआ के परिवार और करीबी सूत्रों ने जानकारी दी है कि उनका अंतिम संस्कार गुरुवार, 5 मार्च 2026 को किया जाएगा. अंतिम विदाई के लिए दोपहर 12 बजे दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर प्रार्थना सभा और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न होगी. यह भी पढ़े: Syed Mohammad Nizami Dies: नहीं रहें हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह के सज्जादा नशीन सैयद मोहम्मद निजामी, गीजर फटने से मौत; VIDEO
नहीं रहे एचके दुआ
पत्रकारिता और राजनीति में अहम योगदान
एच.के. दुआ का करियर बेहद प्रभावशाली रहा. उन्होंने 'द ट्रिब्यून', 'द हिंदुस्तान टाइम्स' और 'इंडियन एक्सप्रेस' जैसे प्रतिष्ठित अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्रों के संपादक के रूप में कार्य किया. पत्रकारिता में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' से नवाजा गया था.
वे 2009 से 2015 के बीच राज्यसभा के मनोनीत सदस्य रहे, जहां उन्होंने लोक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई.
महत्वपूर्ण पदों पर दी सेवाएं
पत्रकारिता के अलावा, एच.के. दुआ ने सत्ता के गलियारों में भी अपनी विशेषज्ञता का परिचय दिया.
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वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और एच.डी. देवेगौड़ा के मीडिया सलाहकार रहे.
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उन्होंने डेनमार्क में भारत के राजदूत के रूप में भी देश का प्रतिनिधित्व किया.
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वे भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड का भी हिस्सा रहे.
एक युग का अंत
उनके निधन पर पत्रकारिता और राजनीतिक जगत में शोक की लहर है. उन्हें एक ऐसे पत्रकार के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने हमेशा मूल्यों और निष्पक्षता को सर्वोपरि रखा. उनके सहयोगियों के अनुसार, दुआ जी के पास भारतीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहरी समझ थी, जो आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों के लिए हमेशा प्रेरणा रहेगी.