Mumbai Marathi Protest: बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक्शन में मुंबई पुलिस, मराठा आंदोलनकारियों को आजाद मैदान से खाली कराने की प्रक्रिया शुरू!

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Mumbai Marathi Protest: मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर मुंबई में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. बॉम्बे हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद मुंबई पुलिस एक्शन में आ गई है और आजाद मैदान खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. हालांकि, मराठा आंदोलनकारी मैदान खाली करने को तैयार नहीं हैं.

मनोज जरांगे की धमकी

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, वे आंदोलन स्थल नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने साफ कहा, "मेरी जान चली जाए, लेकिन जब तक आरक्षण नहीं मिलेगा, मैं जमीन नहीं छोड़ूंगा. यह भी पढ़े: Mumbai Maratha Protest: मराठा आंदोलन को लेकर AIMTC की चेतावनी: जल्द समाधान नहीं निकला तो देश को होगा भारी आर्थिक नुकसान

कोर्ट का सख्त रुख:

मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठा आंदोलन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को दोपहर 3 बजे तक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया. चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार चंद्रशेखर और जस्टिस आरती साठे की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा: "सड़कों पर जज के चलने की भी जगह नहीं है। हालात सामान्य करें, वरना सख्त कार्रवाई की जाएगी.

कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर 3 बजे तक स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो सरकार को जवाबदेह ठहराया जाएगा. कोर्ट ने सरकार से कहा कि "जब हम कोर्ट से बाहर निकलें, तो सड़क पर गाड़ियां नहीं दिखनी चाहिए। इसके लिए जो भी जरूरी कदम हैं, उठाएं.

सरकारी पक्ष और याचिकाकर्ताओं की दलीलें:

राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील सतीश मानशिंदे ने पक्ष रखा, जबकि मराठा समुदाय की ओर से पेश वकील ने बताया कि आंदोलन में लगभग 5000 गाड़ियां आ चुकी हैं, लेकिन केवल 500 लोगों के रुकने की व्यवस्था भी नहीं है। कोर्ट ने इस पर गहरी नाराजगी जताई.

सरकारी प्रतिक्रिया:

महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री पंकज भोयर ने कहा कि सरकार बार-बार प्रदर्शनकारियों से अनुरोध कर रही है कि वे मुंबईवासियों को हो रही परेशानी को समझें और शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकालें "मुझे विश्वास है कि मनोज जरांगे और उनके साथी सरकार के साथ चर्चा करके समाधान निकालेंगे.

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