Farmers Protest: किसानों के समर्थन में INLD विधायक अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा विधानसभा से दिया इस्तीफा, स्पीकर ने किया स्वीकार
किसानों के समर्थन में विधायक अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा विधानसभा से दिया इस्तीफा
चंडीगढ़: कृषि कानूनों को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन शांत होने की जगह बढ़ गया है. गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान नेताओं को दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से टैक्टर रैली निकालने के लिए इजाजत मिली थी. लेकिन दिल्ली में मंगलवार को कई इलाकों में हिंसा के साथ ही संपत्ति का नुकसान हुआ है. पुलिस ने किसान नेताओं के साथ ही उपद्रवियों समेत अब तक22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कर रही हैं. इस बीच किसानों के आंदोलन को लेकर खबर हरियाणा से हैं. इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) नेता व ऐलनाबाद से विधायक अभय चौटाला (Abhay Singh Chautala) ने किसानों के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हरियाण विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने उनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया हैं.
कृषि कानूनों को लेकर ही इसके पहले अभय चौटाला ने इस महीने स्पीकर को एक पत्र लिखा था. जिसमें उन्होंने कहा था कि इन सभी हालातों को देखते हुए अगर मोदी सरकार तीनों काले कानूनों को 26 जनवरी तक वापिस नहीं लेती तो इस पत्र को विधानसभा से उनका त्याग पत्र समझा जाए. क्योंकि ऐसी परिस्थिति में विधानसभा में उनकी मौजूदगी का कोई महत्व नहीं रह जाता. यह भी पढ़े: Farmers Protest: दिल्ली हिंसा के बाद हरियाणा में हाई अलर्ट घोषित, DGP ने कहा- उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा
Indian National Lokdal leader Abhay Singh Chautala resigns from the membership of Haryana Legislative Assembly in support of the farmers protesting in Delhi against three farm laws; resignation accepted by the Speaker.
(file photo) pic.twitter.com/Epb1GojaRz
— ANI (@ANI) January 27, 2021
बता दें कि कृषि कानून के विरोध में किसान पिछले दो महीने से दिल्ली में आंदोलन कर रहे है. सरकार और किसान नेताओं के बीच करीब 11 बार वार्ता हुई. लेकिन अब तक बात नहीं बन पाने की वजह से उनका आंदोलन खत्म होने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है.किसानों की मांग है कि सरकार तीनों काले कानूनों को वापस ले. लेकिन सरकार का कहना है कि कानून वापस नहीं होंगे. कानून में उन्हें जहां त्रुटी लग लग रही है. वे बताये उसमें संशोधन किया जायेगा. लेकिन अपने जिद पर अड़े हुए हैं कि उन्हें कानून में संशोधन नहीं बल्कि उनकी मनाग है कि तीनों कानून को ही रद्द किया जाये.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 27, 2021 04:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

