Fact Check: क्या कानपुर की छात्रा का नीट स्कोर 540 से घटकर 167 हुआ? NTA ने जारी किया आधिकारिक जवाब
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने कानपुर की नीट-यूजी अभ्यर्थी आर्य सिंह के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपना स्कोर 540 से घटकर 167 होने का आरोप लगाया था. NTA ने आधिकारिक बयान जारी कर सोशल मीडिया पर वायरल ओएमआर शीट को डिजिटल रूप से छेड़छाड़ (एडिटेड) किया हुआ करार दिया है.
नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency) (NTA) ने नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 की अभ्यर्थी आर्य सिंह (Arya Singh) द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर दिया है. कानपुर (Kanpur) की रहने वाली आर्य सिंह ने दावा किया था कि परिणाम घोषित होने के बाद उनका स्कोर अचानक 540 से घटकर 167 अंक हो गया. NTA ने सोमवार, 20 जुलाई 2026 को इस संबंध में तथ्य जारी करते हुए कहा कि छात्रा द्वारा सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही ओएमआर शीट की कॉपी फर्जी और डिजिटल रूप से संपादित (Edited) है. एजेंसी के अनुसार, छात्रा का वास्तविक और सत्यापित स्कोर 167 अंक ही है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या NEET UG 2026 के अंकों की गलत गणना हुई? उम्मीदवारों के आरोपों पर NTA ने दिया सफाई में ये जवाब
क्या था छात्रा का दावा?
17 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर वायरल हुए एक वीडियो में अभ्यर्थी आर्य सिंह हाथ में अपने दस्तावेज और ओएमआर शीट लेकर सामने आई थीं. उन्होंने आरोप लगाया था कि 16 जुलाई की रात जब उन्होंने NTA के आधिकारिक पोर्टल पर अपना रिजल्ट चेक किया था, तब उनका स्कोर 540 अंक दिखा रहा था.
छात्रा का दावा था कि पोर्टल को बार-बार रिफ्रेश करने के बाद उनका स्कोर गिरकर 167 हो गया. इसके अलावा उन्होंने अपलोड की गई ओएमआर शीट में प्रश्नों के क्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया में अनियमितता का भी संदेह जताया था. इस वीडियो के सामने आने के बाद परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस छिड़ गई थी.
NTA की जांच और फोरेंसिक तथ्य
NTA ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अभ्यर्थी के आवेदन क्रमांक (Application No. 260410434102) के पूरे डिजिटल और भौतिक रिकॉर्ड की गहन जांच की. जांच के बाद एजेंसी ने निम्नलिखित बिंदु सामने रखे:
- आधिकारिक ओएमआर शीट: उत्तर कुंजी (Answer Key) को चुनौती देने की समय-सीमा के दौरान वास्तविक ओएमआर शीट अभ्यर्थी की पंजीकृत ईमेल आईडी पर भेजी गई थी.
- डिजिटल छेड़छाड़ के सबूत: सोशल मीडिया पर जो ओएमआर शीट प्रसारित की जा रही है, वह वास्तविक दस्तावेज का एडिटेड रूप है.
- हस्ताक्षर के समय में फेरबदल: जांच में पाया गया कि वायरल इमेज में वीक्षक (Invigilator) के हस्ताक्षर के समय को बदलकर 3:45 PM की जगह 2:45 PM किया गया है, जो स्पष्ट रूप से मैन्युअल संपादन की ओर इशारा करता है.
- अंकों की पुष्टि: वास्तविक ओएमआर शीट के अनुसार छात्रा द्वारा हल किए गए प्रश्नों का कुल प्राप्तांक 167 ही बैठता है, जो घोषित परिणाम के बिल्कुल अनुकूल है.
आर्या सिंह के दावे
NTA का जवाब
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी और पृष्ठभूमि
NTA ने स्पष्ट किया कि फर्जी ओएमआर शीट बनाना, उसमें बदलाव करना या सोशल मीडिया पर भ्रामक दस्तावेज प्रसारित करना 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' (Public Examinations Act, 2024) के तहत एक गंभीर और दंडनीय अपराध है.
उल्लेखनीय है कि नीट-यूजी 2026 के नतीजे आने के बाद से इस तरह के कई दावे सामने आए थे. एजेंसी ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर कहा कि आधिकारिक सर्वर डेटा, बारकोड और रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित एवं सुसंगत हैं, और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ज्यादातर दावे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) या फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर से बनाए गए फर्जी दस्तावेजों पर आधारित हैं.