Fact Check: क्या NEET UG 2026 के अंकों की गलत गणना हुई? उम्मीदवारों के आरोपों पर NTA ने दिया सफाई में ये जवाब

Fact Check:  राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सोमवार, 20 जुलाई को एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 के नतीजों में अंक कम मिलने या ओएमआर शीट में हेरफेर के आरोपों पर विस्तृत जवाब दिया है. सोशल मीडिया पर कुछ अभ्यर्थियों द्वारा किए जा रहे दावों को खारिज करते हुए एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि सभी आधिकारिक रिकॉर्ड और सर्वर पर मौजूद डेटा पूरी तरह से सही और सुसंगत हैं. एनटीए ने वायरल हो रही ओएमआर शीट की फॉरेंसिक जांच के बाद अभ्यर्थियों के दावों की पोल खोली है.

एनटीए ने दिए विशिष्ट मामलों के तथ्य और वास्तविक स्कोर

सोशल मीडिया पर जिन पांच अभ्यर्थियों के दावों की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही थी, उनके मामलों पर एनटीए ने बिंदुवार स्पष्टीकरण दिया है:

आर्या सिंह (कानपुर): अभ्यर्थी का दावा था कि पोर्टल पर उनकी ओएमआर शीट बदल दी गई. एनटीए ने बताया कि वायरल तस्वीर एक डिजिटल रूप से संपादित (Edited) प्रति है, जिसमें इनविजिलेटर के हस्ताक्षर का समय (3:45 PM से बदलकर 2:45 PM) एडिट किया गया है. उनका सत्यापित स्कोर 167 अंक है.

NTA का जवाब

    • लक्ष्य सिंह: छात्र ने रिस्पॉन्स मार्किंग में विसंगति का आरोप लगाया था. एनटीए के अनुसार, वायरल तस्वीर में डिजिटल रूप से अतिरिक्त गोले (Bubbles) भरे गए हैं. वास्तविक रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने 180 में से केवल 54 प्रश्न हल किए थे (34 सही, 20 गलत). उनका सत्यापित स्कोर 116 अंक है.

      NTA का छात्र  लक्ष्य सिंह को जवाब 

अभय यादव: अभ्यर्थी ने 634 अंक मिलने की उम्मीद जताई थी. एनटीए ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने 44 प्रश्न खाली छोड़े थे और उनका वास्तविक स्कोर 164 अंक है.

  • अवनीश श्रीवास्तव: वायरल फोटो में किसी गैर-मौजूद अभ्यर्थी "अजीत सिंह" के नाम और कूटचित पहचान का इस्तेमाल किया गया था. एनटीए ने पाया कि एआई (AI) या ओसीआर (OCR) टूल की मदद से अवनीश की असली ओएमआर शीट को फिर से तैयार कर फर्जीवाड़ा किया गया. उनका असली स्कोर 337 अंक है.

ओएमआर शीट में हेरफेर और एआई (AI) तकनीकों का इस्तेमाल

एनटीए ने 20 जुलाई 2026 के अपने नोटिस में जोर देकर कहा कि असली ओएमआर शीट में अद्वितीय बारकोड, बुकलेट नंबर, क्यूआर कोड, उम्मीदवार के हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान होता है. एजेंसी ने कहा कि इंटरनेट पर वायरल हो रहे जाली या एआई-जनरेटेड दस्तावेज आधिकारिक सर्वर रिकॉर्ड को गलत साबित नहीं कर सकते. जांच में पाया गया है कि कुछ लोग एआई टूल का उपयोग करके ओएमआर शीट के हिस्सों को फिर से बना रहे हैं और नाम या हस्ताक्षर के ऊपर डिजिटल ओवरराइटिंग कर रहे हैं.

कड़े कानून के तहत होगी कार्रवाई, कानूनी चेतावनी जारी

सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत फर्जी या एआई-जनरेटेड परीक्षा दस्तावेज तैयार करना, रखना या प्रसारित करना एक संज्ञेय अपराध है. एनटीए ने चेतावनी दी है कि ऐसे मनगढ़ंत दावों और दस्तावेजों के आधार पर कोई पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही गलत जानकारी फैलाने वाले उम्मीदवारों और तीसरे पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही शुरू की जा सकती है. जिन अभ्यर्थियों को वास्तविक शिकायतें हैं, उन्हें आधिकारिक हेल्पडेस्क के माध्यम से अपना रोल नंबर और आवेदन संख्या दर्ज कराने की सलाह दी गई है.