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Chandrayaan-3 पर क्रेडिट की होड़, ISRO के पूर्व वैज्ञानिक ने की PM मोदी की तारीफ तो कांग्रेस ने जवाब में शेयर किया पंडित नेहरू का वीडियो

चांद के साउथ पोल पर पहुंचकर भारत इतिहास रच चुका है. इस कामयाबी के बाद ISRO की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है. इस बीच ISRO के एक पूर्व वैज्ञानिक का वीडिया भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

Chandrayaan-3 पर क्रेडिट की होड़, ISRO के पूर्व वैज्ञानिक ने की PM मोदी की तारीफ तो कांग्रेस ने जवाब में शेयर किया पंडित नेहरू का वीडियो
Chandrayaan-3 | Twitter

नई दिल्ली: चंद्रमा के साउथ पोल पर पहुंचकर भारत इतिहास रच चुका है. इस कामयाबी के बाद ISRO की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है. इस बीच ISRO के एक पूर्व वैज्ञानिक का वीडिया भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन का यह वीडिया बीजेपी ने शेयर किया है. इस वीडियो में वैज्ञानिक नंबी नारायणन (Nambi Narayanan) कांग्रेस के शासनकाल के दौरान ISRO के हालातों पर बात कर रहे थे. उन्होंने कहा पहले की सरकार द्वारा धन आवंटित नहीं किया गया. वीडियो में नंबी कहते हैं कि उनकी प्राथमिकताएं अलग-अलग थीं, उन्होंने कभी भी अंतरिक्ष अनुसंधान को प्राथमिकता नहीं दी. Chandrayaan-3: रहस्यों से भरा है चांद का दक्षिणी ध्रुव, आखिर क्यों साउथ पोल पर हमेशा रहती है छाया? जानें- ऐसे ही 8 खास सवालों के जवाब.

चंद्रयान-3 की सफलता पर नंबी नारायण ने कहा, हमने जो हासिल किया है वह अविश्वसनीय है. चंद्रयान-2 की विफलता पर ध्यान दिया गया, सुधारा गया और नतीजा हमारे सामने है. उन्होंने कहा, इसरो के शुरुआती वर्षों में पिछली सरकारों ने पर्याप्त फंड का आवंटन नहीं किया. उन्होंने यहां सरकार को तब इसरो पर भरोसा ही नहीं था.

देखें ISRO के पूर्व वैज्ञानिक ने कहा कहा:

बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी इस इंटरव्यू की क्लिप्स पोस्ट की हैं. विपक्ष द्वारा पीएम मोदी के चंद्रयान-3 मिशन का श्रेय लेने पर नंबी नारायणन ने कहा कि 'इसरो चेयरमैन एस सोमनाथ को मिशन की सफलता का पूरा श्रेय मिला है. साथ ही प्रधानमंत्री को भी इसका श्रेय जाएगा, लेकिन अगर आप प्रधानमंत्री को पसंद नहीं करते हैं तो इसका मतलब ये नहीं है कि आप उन्हें श्रेय नहीं देंगे. एक नेशनल प्रोजेक्ट का श्रेय प्रधानमंत्री को नहीं जाएगा तो किसे जाएगा?'

कांग्रेस ने दिया जवाब

नंबी नारायणन के इस वीडियो के बाद रविवार को कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने सोशल मीडिया X के पोस्ट में कहा, “नेहरू वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देते थे. जो लोग इसरो की स्थापना में उनके योगदान को पचाने में असमर्थ हैं, उन्हें टीआईएफआर (टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च) के स्थापना दिवस पर उनका भाषण सुनना चाहिए.” 'वह बादलों से रडार को बचाने वाले विज्ञान के ज्ञाता की तरह सिर्फ़ बड़ी-बड़ी बातें नहीं करते थे बल्कि बड़े-बड़े फ़ैसले लेते थे.

इसरो ने शेयर किया अपडेट

इसरो ने बताया कि चंद्रयान-3 मिशन के सभी पेलोड सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. इसरो ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘चंद्रयान-3 मिशन: मिशन के तीन उद्देश्यों में से, चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग का प्रदर्शन पूरा हो गया है.चंद्रमा पर रोवर के घूमने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है. तीसरे उद्देश्य के तहत वैज्ञानिक प्रयोग जारी हैं. सभी पेलोड सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं.’’

चांद पर शिव-शक्ति पॉइंट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को घोषिणा की चंद्रयान-3 की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की तारीख 23 अगस्त के दिन को अब राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाएगा और जिस जगह पर इस यान का लैंडर ‘विक्रम’ उतरा, उस जगह को अब ‘शिवशक्ति’ प्वाइंट के रूप में जाना जएगा. उन्होंने यह घोषणा भी की कि 2019 में चंद्रयान-2 ने जिस जगह पर अपने पदचिह्न छोड़े थे, चंद्रमा की उस जगह को अब ‘तिरंगा’ प्वाइंट के रूप में जाना जाएगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 28, 2023 01:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).