EPFO की डिजिटल सेवाएं अब 3 जुलाई से होंगी बहाल, सिस्टम अपग्रेडेशन के चलते संगठन ने फिर बढ़ाई समय-सीमा
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने तकनीकी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए जारी सिस्टम माइग्रेशन की अवधि को एक बार फिर बढ़ा दिया है. अब ईपीएफओ का मेंबर पोर्टल, एम्प्लॉयर इंटरफेस और उमंग ऐप पर सेवाएं 3 जुलाई 2026 से बहाल होने की उम्मीद है.
नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees' Provident Fund Organisation) (EPFO) के करोड़ों खाताधारकों और नियोक्ताओं को ऑनलाइन सेवाओं के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा. अपने क्लेम प्रोसेसिंग सिस्टम को आधुनिक, तेज और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए चल रहे बड़े तकनीकी अपग्रेडेशन के कारण संगठन ने सेवाओं की बहाली की तारीख को आगे बढ़ा दिया है. ईपीएफओ द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, अब सभी सदस्य (Member) और नियोक्ता (Employer) सेवाएं 3 जुलाई 2026 को मध्यरात्रि (00:00 बजे) से दोबारा शुरू की जाएंगी. संगठन ने इस देरी से उपयोगकर्ताओं को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है. यह भी पढ़ें: कर्मचारी भविष्य निधि: EPFO की सेवाएं लगातार 7वें दिन भी ठप, उमंग ऐप भी बंद; सिस्टम अपग्रेडेशन के चलते बढ़ी डेडलाइन
तकनीकी कारणों से तीसरी बार बढ़ी डेडलाइन
यह अस्थायी शटडाउन मूल रूप से 26 जून 2026 की मध्यरात्रि से नियोजित डेटाबेस कंसॉलिडेशन (Database Consolidation) और सॉफ्टवेयर सुधारों के लिए शुरू किया गया था. शुरुआत में इन सेवाओं को 29 जून को बहाल किया जाना था, जिसे बाद में बढ़ाकर पहले 1 जुलाई और फिर 2 जुलाई किया गया.
अब 2 जुलाई को भी सिस्टम अपग्रेड की प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण इसे 3 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया है. हाल के वर्षों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के मेंटेनेंस के लिए यह ईपीएफओ का सबसे लंबा शटडाउन माना जा रहा है, जिससे देश के करीब 7 करोड़ से अधिक पीएफ अंशधारक प्रभावित हो रहे हैं.
EPFO की डिजिटल सेवाएं अब 3 जुलाई से होंगी बहाल
EPFO System Upgrade in Progress
Just a Little Wait for a Better Digital EPFO Experience.
Member and Employer services will resume on 3 July 2026 | 00:00 Hrs.
We deeply regret inconvenience caused and appreciate your patience. pic.twitter.com/L1gnytM64w
— EPFO (@officialepfo) July 2, 2026
मेंटेनेंस के दौरान ये सेवाएं रहेंगी पूरी तरह बंद
इस अपग्रेडेशन अवधि के दौरान ईपीएफओ के मुख्य डिजिटल इंटरफेस पूरी तरह से निष्क्रिय रहेंगे। इसके कारण निम्नलिखित प्रमुख सेवाएं प्रभावित हो रही हैं:
- नए क्लेम और विड्रॉल: पीएफ मेंबर्स न तो भविष्य निधि से पैसे निकालने के लिए नए ऑनलाइन आवेदन (विड्रॉल क्लेम) जमा कर सकते हैं और न ही पुराने क्लेम को ट्रैक कर पा रहे हैं.
- ई-पासबुक डाउनलोड: खाताधारकों के लिए अपना पीएफ बैलेंस देखने या ई-पासबुक डाउनलोड करने की सुविधा पूरी तरह बंद है.
- नियोक्ता अनुपालन (ECR): विभिन्न कंपनियां और संस्थान अपने कर्मचारियों का मासिक रिटर्न और इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ECR) फाइल करने के लिए एम्प्लॉयर इंटरफेस का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं.
- उमंग ऐप (UMANG): केंद्र सरकार के उमंग ऐप पर मिलने वाली ईपीएफओ की सभी सुविधाएं, जैसे यूएएन (UAN) एक्टिवेशन और आधार लिंकिंग, सर्वर डाउन होने के कारण काम नहीं कर रही हैं.
अपग्रेडेशन के बाद क्या बदल जाएगा?
ईपीएफओ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल (एक्स) और आधिकारिक पोर्टल पर संदेश जारी कर कहा है कि, "बेहतर डिजिटल ईपीएफओ अनुभव के लिए बस थोड़ा सा इंतजार." संगठन का मुख्य उद्देश्य अपने तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है, ताकि आने वाले समय में दावों का निपटारा (Claim Settlement) बहुत तेजी से किया जा सके.
इस महत्वपूर्ण माइग्रेशन के पूरे होने के बाद, उपयोगकर्ताओं को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, स्थिर और तेज गति वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलेगा. हालांकि, जिन सदस्यों ने 26 जून से पहले ही अपने दावे ऑनलाइन जमा कर दिए थे, उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है; सिस्टम एक्टिव होते ही उनके आवेदनों पर प्राथमिकता से काम शुरू हो जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 02, 2026 03:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

