शिक्षा

बोर्ड परीक्षाओं पर एमएचआरडी का अहम निर्णय जल्द, दिल्ली सरकार ने परीक्षाएं न कराने को लेकर HRD मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को लिखा पत्र

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अगले कुछ ही घंटों में स्थिति स्पष्ट करेगा. अभी तक के तय कार्यक्रम के मुताबिक सीबीएसई बोर्ड की शेष रह गई परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई के बीच करवाई जानी हैं, लेकिन देश भर में कई राज्य इसके लिए तैयार नहीं हैं

बोर्ड परीक्षाओं पर एमएचआरडी का अहम निर्णय जल्द,  दिल्ली सरकार ने परीक्षाएं न कराने  को लेकर HRD मंत्री  रमेश पोखरियाल निशंक को लिखा पत्र
रमेश पोखरियाल 'निशंक' (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली:  केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अगले कुछ ही घंटों में स्थिति स्पष्ट करेगा. अभी तक के तय कार्यक्रम के मुताबिक सीबीएसई बोर्ड की शेष रह गई परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई के बीच करवाई जानी हैं, लेकिन देश भर में कई राज्य इसके लिए तैयार नहीं हैं. बोर्ड परीक्षाओं के विषय पर सीबीएसई ने कहा, निर्णय लेने की प्रक्रिया एडवांस स्टेज में है. गुरुवार तक इसपर अंतिम फैसला लिया जाएगा. दरअसल गुरुवार को सीबीएसई और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत अपने निर्णय की जानकारी भी देनी है.

देश भर से कई अभिभावकों और राज्य सरकारों ने कोरोनावायरस के मद्देनजर सीबीएसई की शेष रह गई परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है.  मानव संसाधन विकास मंत्रालय इन परीक्षाओं पर अंतिम फैसला लेने के लिए गृह मंत्रालय से परामर्श कर रहा है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के विषय में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को एक पत्र लिखा है. मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार से कहा है कि 10वीं और 12वीं की शेष रह गई बोर्ड परीक्षाएं नहीं करवाई जाएं.  यह भी पढ़े: CBSE 10th 12th Exams 2020: दिल्ली में नहीं होगी सीबीएसई बोर्ड की 12वीं और 10वीं की बची हुई परीक्षा? केजरीवाल सरकार ने एचआरडी मंत्री से की मांग

निशंक को लिखे पत्र में सिसोदिया ने कहा है, कोरोनावायरस के कारण उत्पन्न हुई परिस्थिति में बोर्ड परीक्षाएं कराना बहुत कठिन है। मौजूदा हालात को देखते हुए ये बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर देनी चाहिए। प्री बोर्ड अथवा आंतरिक परीक्षाओं के आधार पर 10वीं एवं 12वीं कक्षाओं के छात्रों के नतीजे घोषित कर देने चाहिए. दिल्ली सरकार के मुताबिक, दिल्ली में 266 कंटेनमेंट जोन हैं, जो आगे और बढ़ सकते हैं। सीबीएसई के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन के स्कूलों में परीक्षाएं नहीं होंगी, ऐसे में इन जोन से आने वाले बच्चे परीक्षा में कैसे शामिल होंगे. विषय पर सीबीएसई ने कहा, निर्णय लेने की प्रक्रिया एडवांस स्टेज में है। गुरुवार तक इसपर अंतिम फैसला लिया जाएगा। दरअसल गुरुवार को सीबीएसई और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत अपने निर्णय की जानकारी भी देनी है.

देश भर से कई अभिभावकों और राज्य सरकारों ने कोरोनावायरस के मद्देनजर सीबीएसई की शेष रह गई परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय इन परीक्षाओं पर अंतिम फैसला लेने के लिए गृह मंत्रालय से परामर्श कर रहा है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के विषय में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को एक पत्र लिखा है। मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार से कहा है कि 10वीं और 12वीं की शेष रह गई बोर्ड परीक्षाएं नहीं करवाई जाएं.

निशंक को लिखे पत्र में सिसोदिया ने कहा है, कोरोनावायरस के कारण उत्पन्न हुई परिस्थिति में बोर्ड परीक्षाएं कराना बहुत कठिन है। मौजूदा हालात को देखते हुए ये बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर देनी चाहिए। प्री बोर्ड अथवा आंतरिक परीक्षाओं के आधार पर 10वीं एवं 12वीं कक्षाओं के छात्रों के नतीजे घोषित कर देने चाहिए. दिल्ली सरकार के मुताबिक, दिल्ली में 266 कंटेनमेंट जोन हैं, जो आगे और बढ़ सकते हैं। सीबीएसई के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन के स्कूलों में परीक्षाएं नहीं होंगी, ऐसे में इन जोन से आने वाले बच्चे परीक्षा में कैसे शामिल होंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 24, 2020 10:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).