Economic Survey 2025: मेट्रो नेटवर्क के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है भारत; राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है.

Credit-(X,@PTI_News)

नई दिल्ली, 31 जनवरी : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है. राष्ट्रपति ने कहा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत का मेट्रो नेटवर्क अब 1 हजार किलोमीटर के माइलस्टोन को पार कर चुका है. भारत अब मेट्रो नेटवर्क के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है. कुछ सप्ताह पहले ही दिल्ली में रिठाला-नरेला-कोंडली कॉरिडोर का काम शुरू हुआ है, जो दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के बड़े सेक्शन में से एक होगा.

राष्ट्रपति ने रेल नेटवर्क के विस्तार का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "आज देश में कई वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं. पिछले छह महीनों में 17 नई वंदे भारत ट्रेनें और एक नमो ट्रेन शुरू की गई हैं. सरकार तेजी से काम कर रही है. पिछले एक दशक में मेरी सरकार ने विकसित भारत की यात्रा को भी नई ऊर्जा दी है." यह भी पढ़ें : Maha Kumbh Stampede: महाकुंभ भगदड़ में मध्य प्रदेश के 5 लोगों की मौत; सीएम मोहन यादव ने की पुष्टि, मुआवजा राशि भी बढ़ाई

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले छह महीनों में केंद्र सरकार ने भविष्य के बुनियादी ढांचे में रिकॉर्ड निवेश किया है. उन्होंने उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के इंजीनियरिंग चमत्कार पर भी प्रकाश डाला.

उन्होंने कहा, "मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना पूरी हो गई है और अब देश कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेलवे लाइन से जुड़ जाएगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल बनाया गया है. यात्री और मालगाड़ी ट्रेनों के सफल ट्रायल रन के बाद उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना फरवरी 2025 के पहले सप्ताह में उद्घाटन के लिए तैयार है."

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी और डीपफेक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियां हैं और सरकार इसे रोकने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा, "मेरी सरकार साइबर सुरक्षा में दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है. डिजिटल धोखाधड़ी, साइबर अपराध और डीपफेक सामाजिक, वित्तीय और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियां हैं."

उन्होंने कहा कि आज भारत डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है. उन्होंने कहा, "भारत की यूपीआई लेनदेन प्रणाली की सफलता से दुनिया के विकसित देश भी प्रभावित हैं. मेरी सरकार ने सामाजिक न्याय और समानता के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया है."

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा लक्ष्य भारत को वैश्विक नवाचार शक्ति बनाना है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत का एआई मिशन शुरू हो गया है.

उन्होंने संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए सरकार की विभिन्न योजनाओं और लक्ष्यों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों और मध्यम वर्ग के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और भारत को वैश्विक नवाचार शक्ति बनाने का लक्ष्य भी बना रही है.

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