कश्मीर पर तुर्की के राष्ट्रपति के बयान पर भारत ने जताई आपत्ति, कहा- हमारे आतंरिक मामलों से दूर रहें
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन और पीएम नरेंद्र मोदी (Photo Credit- PTI)

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन (Recep Tayyip Erdogan) ने शुक्रवार को पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था. इस दौरान एर्दोआन ने कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन किया. भारत के विदेश मंत्रालय ने तुर्की के राष्‍ट्रपति एर्दोआन तरफ से पाकिस्‍तान के साथ मिलकर जम्‍मू कश्‍मीर पर जारी साझा बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारत ने दो टूक कह दिया है कि तुर्की भारत के आतंरिक मामलों में हस्‍तक्षेप न करें और इनसे दूर ही रहे. विदेश मंत्रालय ने शनिवार की सुबह एक आधिकारिक बयान जारी किया और तुर्की के नेतृत्‍व को जम्‍मू कश्‍मीर पर बात करने की आलोचना की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार  ने कहा, 'भारत जम्मू-कश्मीर के संबंध में दिए गए तुर्की के सभी संदर्भों को खारिज करता है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि ''कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है. तुर्की भारत के मामले में हस्तक्षेप ना करे.'' जम्मू-कश्मीर को लेकर एर्दोआन की टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, ''हम तुर्की नेतृत्व से अनुरोध करते हैं कि वह भारत के आंतरिक मामले में दखल ना दे. और वह भारत के लिए पाकिस्तान से पैदा होने वाले आतंकवाद के खतरे सहित सभी तथ्यों की सही समझ विकसित करे.''

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कश्मीर पर तुर्की के बयान पर भारत की दो टूक-

उल्लेखनीय है कि एर्दोआन ने शुक्रवार को पाकिस्तानी संसद में कहा था कि कश्मीर पाकिस्तान के लिए जितना महत्वपूर्ण है, उनके देश के लिए भी उतना ही अहम है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में एकतरफा कार्रवाई से कश्मीरी लोगों की तकलीफों में इजाफा हुआ है. एर्दोआन ने कश्मीरियों के संघर्ष की तुलना प्रथम विश्व युद्ध के दौरान विदेशी शासन के खिलाफ तुर्कों की लड़ाई से की. उन्होंने कहा था, कश्मीरी लोगों की आजादी और अधिकार छीनने से किसी को फायदा नहीं होगा. कश्मीर की समस्या संघर्ष या दबाव से नहीं सुलझेगी.