मुंबई की धारावी पुलिस की कार्रवाई, बाल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश कर 16 महीने के मासूम को तमिलनाडु से मुक्त कराया
धारावी पुलिस ने एक बड़े बाल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 16 महीने के बच्चे को तमिलनाडु से सुरक्षित छुड़ाया है. माता-पिता द्वारा ₹1.05 लाख में बेचे गए इस बच्चे को बिचौलियों के माध्यम से ₹4.80 लाख तक में बेचा गया था.
Child Trafficking Racket: मुंबई की धारावी पुलिस ने एक संगठित बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 1.6 साल के मासूम बच्चे को तमिलनाडु से सुरक्षित बचा लिया है. जांच में खुलासा हुआ है कि बच्चे को उसकी ही मां और सौतेले पिता ने ₹1.05 लाख में बेचा था, जिसके बाद बिचौलियों के एक नेटवर्क के जरिए बच्चे की खरीद-बिक्री की गई और अंततः उसे तमिलनाडु के एक निसंतान दंपत्ति को ₹4.80 लाख में बेच दिया गया. पुलिस ने इस मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
मामा की सतर्कता से खुला मामला
मामले का खुलासा बच्चे के मामा सन्नी सिंह (39) की शिकायत के बाद हुआ. 6 अगस्त को सन्नी की मां ने सूचना दी कि उसकी बहन सुबह बारिश में बच्चे के साथ गिर गई है और बच्चे के सिर में चोट लगने के कारण उसे सायन अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह भी पढ़े: Mumbai Child Missing: मुंबई में मासूमों के लापता होने को लेकर पुलिस अलर्ट, 36 घंटे में 8 लड़कियों समेत 12 बच्चे लापता, शहरभर में तलाशी अभियान शुरू
जब सन्नी अस्पताल पहुंचे तो बहन और उसका पति वहां नहीं मिले. बाद में 8 अगस्त को कड़ाई से पूछताछ करने पर बहन ने स्वीकार किया कि उसने 2 अगस्त को ही अपने बच्चे को रानी नामक महिला को ₹1.05 लाख में बेच दिया था. इसके बाद सन्नी सिंह तुरंत धारावी पुलिस स्टेशन पहुंचे और मामला दर्ज कराया.
धारावी पुलिस की कार्रवाई और नेटवर्क का पर्दाफाश
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक सुनील माने, पीएसआई सूरज शिंदे और प्रमोद सालुंखे की टीम ने जांच शुरू की. पुलिस ने सबसे पहले बिचौलिए रानी उर्फ शबनम खान (26) को हिरासत में लिया.
पूछताछ के आधार पर दीपक मोरे, जायदा खान, प्रिया बोरहाडे और आकाश बोरहाडे के नाम सामने आए. इस गिरोह ने बच्चे को कर्नाटक के रहने वाले रामास्वामी उर्फ अन्ना (52) को ₹3 लाख में बेचा था.
कर्नाटक से तमिलनाडु तक पीछा कर बच्चे को बचाया
पुलिस टीम ने कर्नाटक पहुंचकर रामास्वामी को गिरफ्तार किया. उसने पूछताछ में खुलासा किया कि बच्चे को आगे तमिलनाडु के कन्नन विरिया उर्फ राजू (39) और उसकी पत्नी प्रिया विरिया (38) को ₹4.80 लाख में बेच दिया गया था. यह दंपत्ति पिछले 16 वर्षों से निसंतान था.
धारावी पुलिस की टीम ने तमिलनाडु पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित बरामद किया और खरीददार दंपत्ति व बिचौलियों को हिरासत में लिया.
आईवीएफ सेंटर से जुड़े तार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी पूर्व में एक आईवीएफ (IVF) सेंटर में कार्यरत थे. बच्चे को मुंबई से बस के जरिए कर्नाटक और फिर तमिलनाडु पहुंचाया गया था.
धारावी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम (Juvenile Justice Act) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर बच्चों की खरीद-बिक्री के अन्य मामलों में भी शामिल है.