Delhi Work From Home: देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँच चुका है. इसका असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर सीधे पड़ रहा है, जिससे सांस लेने में दिक्कत और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं.लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है,
सरकार की तरफ से लिए गए फैसले के अनुसार राजधानी के सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम (WFH) अब अनिवार्य कर दिया गया है. इस आदेश के तहत कर्मचारियों का आधा हिस्सा घर से काम करेगा. नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा.
मजदूरों को 10,000 रुपये का मुआवजा
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि यह आदेश 18 दिसंबर से लागू होगा. इसके साथ ही ग्रेड-3 के दौरान 16 दिन निर्माण कार्य बंद रहने से प्रभावित रजिस्टर्ड मजदूरों को सीधे 10,000 रुपये का मुआवजा उनके खाते में दिया जाएगा. ग्रेड-4 खत्म होने के बाद भी इसी आधार पर राहत दी जाएगी.
दिल्ली का AQI 400+ के आसपास
वर्तमान में दिल्ली का AQI 400+ के आसपास है, जो कि ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र हैं: राजीव चौक, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली, अशोक विहार और आनंद विहार। प्रदूषण के मुख्य कारण हैं वाहन उत्सर्जन, निर्माण कार्यों से धूल, उद्योग और आस-पास के राज्यों से धुआं.
वायु प्रदूषण से बचाव के उपाय
वायु प्रदूषण से बचाव के लिए विशेषज्ञों ने कुछ सावधानियां बताई हैं. बाहर निकलते समय एन-95 मास्क का प्रयोग करें. घर में एयर प्यूरीफायर या एयर फिल्टर का उपयोग करें. बच्चों, बुजुर्गों और वायु प्रदूषण से संवेदनशील लोगों को बाहर निकलने से बचाएं.घर में पौधे लगाना, कचरा जलाने से बचना और सुबह-शाम के समय खिड़कियां बंद रखना मददगार रहेगा.
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग ने चेताया है कि अत्यधिक प्रदूषण में लंबे समय तक बाहर रहने से सांस की बीमारियां, खांसी, आंखों में जलन और अस्थमा जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए गंभीर रोगियों और बच्चों को आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है.












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